द्रमुक सरकार आठवीं अनुसूची की सभी भाषाओं को ‘आधिकारिक’ दर्जा दिलाने के लिए काम करेगी : स्टालिन

द्रमुक सरकार आठवीं अनुसूची की सभी भाषाओं को ‘आधिकारिक’ दर्जा दिलाने के लिए काम करेगी : स्टालिन

द्रमुक सरकार आठवीं अनुसूची की सभी भाषाओं को ‘आधिकारिक’ दर्जा दिलाने के लिए काम करेगी : स्टालिन
Modified Date: November 29, 2022 / 08:51 pm IST
Published Date: June 6, 2021 10:14 am IST

चेन्नई, छह जून (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने शनिवार को कहा कि द्रमुक सरकार तमिल समेत संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं को केंद्र सरकार की आधिकारिक भाषा का दर्जा दिलाने के लिए काम करेगी।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एम. करूणानिधि के निरंतर प्रयास के बाद 2004 में आज ही के दिन केंद्र ने घोषणा की थी कि तमिल को शास्त्रीय भाषा घोषित किया जाएगा।

तमिल को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देते हुए केंद्र सरकार द्वारा 12 अक्टूबर, 2004 को एक अधिसूचना जारी की गयी थी।

मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा, ‘‘द्रमुक सरकार तमिल समेत संविधान की आठवीं अनुसूची की सभी भाषाओं को केंद्र सरकार की आधिकारिक भाषा का दर्जा दिलाने के लिए दृढ़तापूर्वक काम करती रहेगी।’’

तमिल के अलावा संस्कृत, तेलुगू, कन्नड़ और मलयालम भारत में घोषित शास्त्रीय भाषाएं हैं।

संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार केंद्र सरकार की आधिकारिक भाषा हिंदी और उसकी लिपि देवनागरी है। आठवीं अनुसूची में हिंदी समेत 22 भाषाएं हैं।

अनुच्छेद 343 का संबंध राज्य के आधिकारिक भाषा या भाषाओं से है। इसके मुताबिक राज्य विधानमंडल उस राज्य की किसी भी या सभी आधिकारिक उद्देश्य/उद्देश्यों के वास्ते एक या अधिक भाषा कानूनन अपना सकता है।

भाषा राजकुमार नीरज

नीरज


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