राजस्थान में कुत्तों के काटने की घटनाएं 2025 में लगभग दोगुनी, जयपुर सबसे अधिक प्रभावित

राजस्थान में कुत्तों के काटने की घटनाएं 2025 में लगभग दोगुनी, जयपुर सबसे अधिक प्रभावित

राजस्थान में कुत्तों के काटने की घटनाएं 2025 में लगभग दोगुनी, जयपुर सबसे अधिक प्रभावित
Modified Date: March 22, 2026 / 03:13 pm IST
Published Date: March 22, 2026 3:13 pm IST

जयपुर, 22 मार्च (भाषा) राजस्थान में कुत्तों के काटने की घटनाएं 2025 में लगभग दोगुनी हो गई हैं जयपुर इस मामले में सबसे अधिक प्रभावित जिला रहा है। आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी।

सूचना के अधिकार (आरटीआई) आवेदन के तहत प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 2024 में कुत्तों के काटने के 460 मामले दर्ज किए गए थे, जो 2025 में बढ़कर करीब 900 हो गए।

आंकड़ों के अनुसार अकेले जयपुर में 2024 में 307 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में बढ़कर 633 हो गए। यह दोनों वर्षों में राज्य में सर्वाधिक संख्या है।

आरटीआई आवेदक चंद्रशेखर गौड़ ने कहा, ‘‘विशेष रूप से बच्चों से जुड़े मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जयपुर में 2024 में 45 बच्चे पीड़ित थे, जो 2025 में बढ़कर 65 हो गए। यह सभी जिलों में सबसे अधिक है।’’

उन्होंने बताया कि खैरथल-तिजारा में 2024 में चार बच्चों को कुत्तों ने काटा, 2025 में यह संख्या बढ़कर नौ हो गए। वहीं कोटा में 2024 में इस तरह के नौ मामले दर्ज किए गए जो 2025 में बढ़कर 16 हो गए।

बीकानेर में 2024 में कुत्तों ने छह बच्चों को शिकार बनाया, 2025 में इनकी संख्या घटकर दो रह गई। पाली में 2024 में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ था, जबकि 2025 में दो मामले सामने आए।

कुल घटनाओं के लिहाज से 2025 में जयपुर के बाद कुत्तों के काटने के सबसे अधिक मामले खैरथल-तिजारा (55), पाली (46), कोटा (45) और भीलवाड़ा (33) में दर्ज किए गए।

आंकड़ों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में कुत्तों के काटने की घटनाएं अधिक रही हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों में इनकी संख्या अपेक्षाकृत कम दर्ज की गई है।

भाषा बाकोलिया खारी

खारी


लेखक के बारे में