मेघालय में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति स्थिर हो गई है: नागरिक आपूर्ति विभाग

मेघालय में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति स्थिर हो गई है: नागरिक आपूर्ति विभाग

मेघालय में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति स्थिर हो गई है: नागरिक आपूर्ति विभाग
Modified Date: March 28, 2026 / 10:02 pm IST
Published Date: March 28, 2026 10:02 pm IST

शिलांग, 28 मार्च (भाषा) मेघालय सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग ने शनिवार को कहा कि इस महीने की शुरुआत में थोड़े समय के लिए बाधित होने के बाद राज्य में घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति स्थिर हो गई है।

राज्य में फिलहाल घरेलू एलपीजी आपूर्ति में कोई समस्या नहीं है और 25 से 27 मार्च के बीच 22,000 से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति की गई।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के निदेशालय ने एक बयान में कहा, ‘घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य रूप से की जा रही है, और सरकार वितरण की बारीकी से निगरानी कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी वास्तविक उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के उनका हक मिले।’

हालांकि, इसने यह दावा किया कि केंद्र द्वारा लगाई गई आपूर्ति सीमा के कारण वाणिज्यिक सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

पूर्व में हुई व्यवधान की व्याख्या करते हुए निदेशालय ने कहा, ‘नीतिगत समायोजन, ई-केवाईसी आवश्यकताओं का कार्यान्वयन, वितरक स्तर पर परिचालन संबंधी हिचकिचाहट और गलत सूचना के प्रसार सहित कई कारकों के संयोजन के कारण एक अस्थायी व्यवधान देखा गया, जिससे उपभोक्ताओं के बीच अनावश्यक घबराहट पैदा हुई।’

वाणिज्यिक एलपीजी के बारे में इसमें कहा गया है, ‘पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा लगाई गई सीमा के कारण वाणिज्यिक एलपीजी को अब भी कई बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है,’ और यह भी कहा गया है कि राज्य सरकार ने इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है और सीमा बढ़ाने और उचित छूट देने की मांग की है।

मेघालय की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए बयान में कहा गया है, ‘पर्यटन और आतिथ्य सत्कार पर राज्य की निर्भरता, साथ ही पीएनजी में बुनियादी ढांचे की कमी और पहाड़ी भूभाग के कारण रसद संबंधी चुनौतियों को देखते हुए, इस तरह की बाधाओं का राज्य पर अपेक्षाकृत अधिक प्रभाव पड़ता है।’

निदेशालय ने कहा कि राज्य और जिला एलपीजी समितियों में निगरानी को मजबूत किया गया है, साथ ही दैनिक रिपोर्टिंग और तेल विपणन कंपनियों के साथ समन्वय भी बढ़ाया गया है।

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश


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