विजय की तुलना एमजीआर से न करें: पलानीस्वामी

विजय की तुलना एमजीआर से न करें: पलानीस्वामी

विजय की तुलना एमजीआर से न करें: पलानीस्वामी
Modified Date: April 11, 2026 / 09:32 am IST
Published Date: April 11, 2026 9:32 am IST

तिरुवल्लूर (तमिलनाडु), 11 अप्रैल (भाषा) ‘ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम’ (अन्नाद्रमुक) के प्रमुख ई के. पलानीस्वामी ने लोगों से अभिनेता से नेता बने विजय की तुलना अन्नाद्रमुक के संस्थापक एम. जी. रामचंद्रन (एमजीआर) से नहीं करने का आग्रह करते हुए संकेत दिया कि दिवंगत मुख्यमंत्री उनसे कहीं अधिक श्रेष्ठ थे क्योंकि उन्होंने अपने जीवनकाल में लोगों की सेवा की और अपनी संपत्ति मूक-बधिरों के आश्रम को दान कर दी।

पलानीस्वामी ने तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि दूसरों की आलोचना करते समय ‘‘गरिमा और अनुशासन’’ की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि वह एमजीआर और दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता की ‘‘राजनीतिक पाठशाला’’ के छात्र हैं।

पलानीस्वामी ने शुक्रवार को यहां एक चुनावी रैली में कहा कि एमजीआर ‘‘भगवान’’ हैं और इसलिए उनकी तुलना तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के प्रमुख विजय से नहीं की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘उनकी तुलना एमजीआर से मत कीजिए, जो (हमारे लिए) भगवान हैं। एमजीआर ने फिल्मों में अभिनय से कमाया धन लोगों पर खर्च किया और जीवन भर जनता के कल्याण के लिए प्रयासरत रहे। उन्होंने अपनी संपत्ति मूक-बधिरों के आश्रम को दान कर दी। वह महान व्यक्ति हमारे नेता हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘क्या वह (विजय) ऐसे हैं?’’

उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक मेरा या अन्नाद्रमुक का सवाल है, लोकतंत्र में कोई भी राजनीति में आ सकता है। यह उसका अधिकार है लेकिन राजनीति में आने के बाद उसे अपने ऊपर भरोसा करने वाले लोगों को निराश नहीं करना चाहिए, बल्कि उनकी समस्याओं का सामना करना चाहिए।’’

पलानीस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री पद संभालने के दिन से लेकर अपने कार्यकाल के अंत तक उन्हें अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि उन्हें सूखा, चक्रवात, बाढ़ और महामारी जैसी समस्याओं से निपटना पड़ा, जब लोग अपने घरों से बाहर तक नहीं निकल सकते थे।

पलानीस्वामी ने कहा, ‘‘ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में मैंने लोगों को कठिनाई में डाले बिना अच्छा शासन दिया।’’

जब एक पार्टी कार्यकर्ता ने उदयनिधि स्टालिन की तस्वीर दिखाई तो पलानीस्वामी ने कहा, ‘‘इसे (भीड़ को) दिखाइए। अगर मैं इसे दिखाऊंगा तो वह नाराज हो जाएंगे।’’

उन्होंने जोर देकर कहा कि अन्नाद्रमुक और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) में फर्क है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम एमजीआर और जयललिता की राजनीतिक पाठशाला के विद्यार्थी हैं। गरिमा और अनुशासन बहुत जरूरी हैं। हमारी प्राथमिकता जनता का कल्याण है।’’

भाषा सिम्मी गोला

गोला


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