सीईसी के खिलाफ नोटिस पर विचार नहीं हुआ तो संदेह पैदा होगा: डेरेक ओब्रायन
सीईसी के खिलाफ नोटिस पर विचार नहीं हुआ तो संदेह पैदा होगा: डेरेक ओब्रायन
नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन ने शुक्रवार को कहा कि यदि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस पर विचार नहीं किया गया तो कार्यपालिका और सीईसी के बीच मौन सहमति को लेकर संदेह उत्पन्न होगा।
विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस संसद के दोनों सदनों को दिया है।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता ने एक ब्लॉग में कहा कि विपक्ष के सदस्य भारत की संस्थाओं की शुचिता की रक्षा के लिए उपलब्ध हर संवैधानिक माध्यम का उपयोग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संविधान में प्रावधान है कि सीईसी को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के समान आधार पर, यानी ‘साबित कदाचार या अक्षमता’ के आधार पर उनके पद से हटाया जा सकता है।
ओब्रायन ने कहा, ‘पिछले 75 वर्षों में भारत में 25 मुख्य चुनाव आयुक्त रहे हैं। संसद के किसी भी सदन द्वारा कभी भी सीईसी के खिलाफ निष्कासन प्रस्ताव नहीं लाया गया। कभी नहीं।’’
उन्होंने कहा कि यदि इस नोटिस पर विचार नहीं हुआ तो कार्यपालिका और सीईसी के बीच मौन सहमति को लेकर संदेह पैदा होगा।
भाषा हक हक पवनेश
पवनेश

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