फिल्म ‘जन नायकन’ लीक मामले में भाजपा को घसीटना ‘अशिष्ट राजनीतिक आचरण’: अन्नामलाई

फिल्म ‘जन नायकन’ लीक मामले में भाजपा को घसीटना ‘अशिष्ट राजनीतिक आचरण’: अन्नामलाई

फिल्म ‘जन नायकन’ लीक मामले में भाजपा को घसीटना ‘अशिष्ट राजनीतिक आचरण’: अन्नामलाई
Modified Date: April 11, 2026 / 04:38 pm IST
Published Date: April 11, 2026 4:38 pm IST

कोयंबटूर (तमिलनाडु), 11 अप्रैल (भाषा) भाजपा की तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने शनिवार को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के उन आरोपों का खंडन किया जिनमें केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन व भाजपा को फिल्म ‘जन नायकन’ के ऑनलाइन लीक होने के मामले से जोड़ा गया था। उन्होंने इन दावों को “अशिष्ट राजनीतिक आचरण” करार दिया।

उन्होंने फिल्म के लीक होने की निंदा करते हुए इसे “अवैध कृत्य” बताया और लोगों से फिल्म के ‘पायरेटेड’ संस्करणों का बहिष्कार करने की अपील की।

यहां भाजपा उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अन्नामलाई ने इस विवाद में अपनी पार्टी को घसीटे जाने पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा, “भाजपा को इसमें क्यों घसीटा जा रहा है? क्या किसी फिल्म के रिलीज होने या लीक होने में पार्टी की कोई भूमिका होती है? लीक मामले की जांच करना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना पुलिस की जिम्मेदारी है।”

अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने कहा, “पुलिस को इस कृत्य के दोषियों को न्याय के कठघरे में लाना चाहिए और उनके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। राजनीतिक लाभ के लिए भाजपा को इसमें न घसीटा जाए।’’

इससे एक दिन पहले, 10 अप्रैल को टीवीके नेता आधव अर्जुन ने आरोप लगाया था कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर फिल्म लीक कराई।

अर्जुन का नाम लिए बिना अन्नामलाई ने कहा, “मैं टीवीके के कुछ समर्थकों और नेताओं द्वारा व्यक्त किए जा रहे विचारों की कड़ी निंदा करता हूं।”

खुद को अभिनेता विजय का प्रशंसक बताते हुए अन्नामलाई ने कहा कि फिल्म आधिकारिक रूप से रिलीज होने के बाद वह इसे सिनेमाघर में देखेंगे।

उन्होंने कहा, “एक फिल्म कई लोगों की कड़ी मेहनत, खून-पसीने और बड़े निवेश का परिणाम होती है। अगर इस तरह के लीक वीडियो ऑनलाइन दिखते हैं, तो लोगों को उन्हें नहीं देखना चाहिए।”

भाषा खारी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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