कश्मीर में अधिकतर स्थानों पर तापमान में गिरावट
कश्मीर में अधिकतर स्थानों पर तापमान में गिरावट
श्रीनगर, 20 जनवरी (भाषा) कश्मीर में अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है जबकि इस सप्ताह घाटी में बारिश और बर्फबारी के दौर की संभावना है। साथ ही इस सर्दी में मैदानी इलाकों में पहली बर्फबारी की संभावना भी जतायी गई है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर में सोमवार रात न्यूनतम तापमान शून्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के दर्ज किए गए तापमान(शून्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस नीचे) से कम है।
साथ ही, मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के पर्यटन स्थल सोनमर्ग घाटी का सबसे ठंडा स्थान रहा। वहां न्यूनतम तापमान शून्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। वहीं, दक्षिण कश्मीर के शोपियां और पुलवामा में न्यूनतम तापमान क्रमशः शून्य से 4.8 डिग्री नीचे और शून्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि वार्षिक अमरनाथ यात्रा के आधार शिविरों में से एक दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के दर्ज शून्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान से कम था।
उन्होंने कहा कि उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले के प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग में रात का तापमान शून्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात की तुलना में करीब दो डिग्री कम है।
अधिकारियों के अनुसार, घाटी के प्रवेश द्वार काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि कोकरनाग में यह शून्य से 0.6 डिग्री सेल्सिय नीचे और कुपवाड़ा में शून्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
कश्मीर घाटी इस समय ‘चिल्ला-ए-कलां’ के दौर से गुजर रही है। यह कड़ाके की ठंड का 40 दिनों का समय होता है, जब रात का तापमान अक्सर शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है और बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक रहती है।
पिछले साल 21 दिसंबर को शुरू हुआ चिल्ला-ए-कलां 30 जनवरी को समाप्त होगा।
कश्मीर के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी हुई है लेकिन इस सर्दी में घाटी के मैदानी इलाकों में अब तक हिमपात नहीं हुआ है। हालांकि, मौसम विभाग ने इस सप्ताह श्रीनगर सहित घाटी के मैदानी इलाकों में बर्फबारी की संभावना जतायी है।
मौसम कार्यालय ने कहा कि 22-24 जनवरी और 26-28 जनवरी के दौरान एक के बाद एक आने वाले दो पश्चिमी विक्षोभ जम्मू कश्मीर को प्रभावित कर सकते हैं। उसने कहा कि इसकी वजह से, व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी की संभावना है। वहीं, कुछ स्थानों पर भारी बर्फबारी हो सकती है। इसका मुख्य प्रभाव 23 और 27 जनवरी को देखने को मिल सकता है।
भाषा प्रचेता अमित
अमित


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