Yogi Cabinet Ke Faisle: उत्तर प्रदेश में बढ़ेगी विकास की रफ़्तार, चार नई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को योगी मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी, बैठक में लिए गए कई और भी अहम फैसले
Yogi Cabinet Ke Faisle: सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में चार नई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंगलवार को मंजूरी दी गई है।
Yogi Cabinet Ke Faisle/ Image Source : FILE
- योगी मंत्रिमंडल ने चार नई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंगलवार को मंजूरी दे दी।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में परियोजनाओं को मिली मंजूरी।
- परियोजनाओं के लिए विकासकर्ता के चयन की निविदा प्रक्रिया शुरू होगी।
Yogi Cabinet Ke Faisle: लखनऊ: उत्तर प्रदेश में यातायात को सुगम बनाने के मकसद से मंत्रिमंडल ने चार नई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंगलवार को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में संपन्न मंत्रिमंडल बैठक में लिए गए इस फैसले की जानकारी राज्य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने संवाददाताओं को दी। मंत्री खन्ना ने बताया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली दो लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए संशोधित एवं अंतिम प्रस्ताव आमंत्रण (आरएफपी) को मंजूरी देने के साथ ही विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक के संरेखण को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
इन परियोजनाओं को मिली हरी झंडी
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक 50.98 किलोमीटर लंबे छह लेन (भविष्य में आठ लेन विस्तारणीय) ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण ईपीसी मॉडल पर किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 4,775.84 करोड़ रुपये है। (Yogi Cabinet Ke Faisle) वहीं, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को फर्रुखाबाद के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 90.84 किलोमीटर लंबे छह लेन (आठ लेन विस्तारणीय) ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण 7,488.74 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इस तरह कुल मिलाकर मंत्रिमंडल ने 12,264 करोड़ रुपये से अधिक की दो लिंक परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है।
कंपनियों की चयन प्रकिया हुई शुरू
Yogi Cabinet Ke Faisle: सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद दोनों परियोजनाओं के लिए विकासकर्ता के चयन की निविदा प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें कहा गया है कि चयनित एजेंसी को लगभग 36 महीने में निर्माण कार्य पूरा करना होगा, जबकि इसके बाद पांच वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी उसी की होगी।
उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़कर एक मजबूत एक्सप्रेसवे ग्रिड तैयार करना है। इससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम होगी। साथ ही समय और ईंधन की बचत के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
विंध्य एक्सप्रेसवे ग्रीनफील्ड मार्ग को भी मिली मंजूरी
मंत्रिमंडल ने विंध्य एक्सप्रेसवे के छह लेन (भविष्य में आठ लेन विस्तारणीय) ग्रीनफील्ड मार्ग को भी मंजूरी दी। (Yogi Cabinet Ke Faisle) इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 26,315 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना के तहत प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। इसके अलावा, विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक (विकल्प-1) को भी मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिल गई है। लगभग 9,039 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली को आपस में जोड़ेगी।
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