नयी दिल्ली, दो अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को देश के युवाओं से नशामुक्त रहने का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि नशीले पदार्थ कुछ समय के लिए ‘‘आनंद का झूठा एहसास’’ दे सकते हैं, लेकिन वे पूरे करियर और निजी जीवन को ‘‘बर्बादी’’ में धकेल देते हैं।
‘नशा मुक्त युवा – विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत करते हुए मोदी ने कहा कि देश के युवाओं का मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना आवश्यक है तथा इसके लिए उन्हें हर प्रकार के नशे से दूर रहना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि दुश्मन देश नशीले पदार्थों की आपूर्ति का इस्तेमाल अपनी आतंकी योजनाओं के तहत करते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि ‘‘युवा हमारे देश का भविष्य हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘नशीले पदार्थ कुछ समय के लिए आपको आनंद का झूठा एहसास करा सकते हैं लेकिन वे आपका पूरा करियर और निजी जीवन बर्बाद कर देते हैं।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने नशे के आदी लोगों के प्रति समाज में व्याप्त वर्जना और सामाजिक कलंक पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग नशे की लत से बाहर निकल आते हैं, वे वास्तविक योद्धा हैं और समाज को उनका सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘समाज को उनका सम्मान करना चाहिए, उन्हें अपनाना चाहिए और उन्हें जीवन में दूसरा अवसर देना चाहिए।’’
प्रधानमंत्री ने बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति में इस अभियान की डिजिटल माध्यम से शुरुआत की। कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने स्वयं को ‘जेन-जी’ का प्रतिनिधि बताया। यह अभियान ऐसे समय शुरू किया गया है, जब हाल ही में सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर छात्रों के बड़े पैमाने पर प्रदर्शन दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में हुए थे।
मोदी ने कहा, ‘‘हमारी संस्कृति हमें सिखाती है कि समाज के सहयोग, योग और ध्यान के माध्यम से नशे की लत से छुटकारा पाया जा सकता है।’’
उन्होंने कहा कि ‘नशा मुक्त युवा’ अभियान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि परिवार, समाज और सबसे बढ़कर राष्ट्र का संकल्प है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का नाम ही इसके उद्देश्य को स्पष्ट करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जब देश ने विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है, तब यह आवश्यक है कि युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ, आत्मविश्वास से भरपूर रहें और हर प्रकार के हानिकारक नशे से दूर रहें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यही इस अभियान का उद्देश्य है।’’ उन्होंने सभी लोगों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें तथा हर संभव तरीके से उन्हें सतर्क और सजग बनाए रखें।
मोदी ने कहा, ‘‘आज से पूरे देश में ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ शुरू किया जा रहा है। जब यह जन-आंदोलन का रूप लेगा, तब वे लोग भी नयी ऊर्जा प्राप्त करेंगे, जो अकेले अपने दम पर कुछ नहीं कर पाते।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज लिया गया यह संकल्प अगले 100 सप्ताह तक इसी तरह आगे बढ़ेगा। प्रत्येक रविवार को कला, संस्कृति, खेल, ध्यान, अध्यात्म और सेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से नशामुक्ति का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले 100 रविवार नशा मुक्त भारत की दिशा में 100 मजबूत कदम साबित होंगे।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि नशे की लत केवल शरीर को ही नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि यह एक मां के चेहरे की मुस्कान छीन लेती है, पिता के सपनों को तोड़ देती है, बहन की उम्मीदों को कमजोर कर देती है और छोटे भाई के सम्मान को भी छीन लेती है।
उन्होंने कहा, ‘‘परिवार के सदस्य हर दिन इस पीड़ा के साथ जीते हैं कि उनकी आंखों के सामने उनका बच्चा धीरे-धीरे खुद को खोता जा रहा है।’’
मोदी ने यह भी कहा कि नशे के खिलाफ इस अभियान में सरकार युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने कहा, ‘‘देशभर में मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। पहले की तुलना में उनकी गिरफ्तारियों की संख्या कई गुना बढ़ी है और हजारों करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि हमारी सरकार नशे के खिलाफ कितनी दृढ़ता से कार्रवाई कर रही है।’’
प्रधानमंत्री ने परिवारों से यह अपील भी की कि वे सामाजिक बदनामी के डर से अपने बच्चों की नशे की लत को छिपाएं नहीं। इसके बजाय उनसे खुलकर बातचीत करें तथा उन्हें नशे की लत से बाहर निकालने के लिए विशेषज्ञों और चिकित्सकों की सहायता लें।
इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और उन्हें अपने-अपने समुदायों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के दूत के रूप में आगे आने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इस अभियान के साथ ही 100 सप्ताह तक चलने वाले देशव्यापी ‘जन भागीदारी’ अभियान की शुरुआत भी हुई। इसके तहत देशभर में हर रविवार विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े और नशा मुक्त समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
इन गतिविधियों में खेल प्रतियोगिताएं, ‘वॉकाथॉन’, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक, विचार-विमर्श मंच, कला प्रतियोगिताएं तथा सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम शामिल होंगे।
कार्यक्रम में खेल और युवा मामलों के केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ की शुरुआत 2020 में प्रधानमंत्री मोदी के ‘नशा मुक्त भारत’ के संकल्प के अनुरूप की गई थी।
भाषा
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