डीयू प्रोफेसर की मौत का मामला: सीसीटीवी फुटेज में एक परिवार मास्क पहने इमारत में प्रवेश करते दिखा
डीयू प्रोफेसर की मौत का मामला: सीसीटीवी फुटेज में एक परिवार मास्क पहने इमारत में प्रवेश करते दिखा
नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) दिल्ली विश्वविद्यालय की एक सहायक प्रोफेसर की कथित तौर पर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस को जो सीसीटीवी फुटेज मिला है उसमें तीन लोगों को मास्क पहने हुए अपार्टमेंट की सीढ़ियों पर चढ़ते हुए देखा गया है।
पुलिस ने सोमवार को बताया कि फुटेज में पश्चिम बंगाल के बर्दवान के एक दंपति और उनका 13 वर्षीय बेटा शिवाजी कॉलेज की सहायक प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल के फ्लैट की ओर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह पॉल की हत्या से कुछ ही समय पहले के फुटेज है।
एक अन्य सीसीटीवी फुटेज जिसे कथित तौर पर हत्या के बाद का कहा जा रहा है, में दिखाई दे रहा है कि तीनों ने अपने कपड़े बदल लिए और मां-बेटे ने अपने चेहरे से मास्क हटा दिए।
शिवाजी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर पॉल तीन जून को पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट्स की छठी मंजिल पर अपने फ्लैट में मृत पाई गईं थीं।
दिल्ली पुलिस ने हत्या के सिलसिले में दंपति और उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। जांचकर्ताओं का कहना है कि यह हत्या पश्चिम बंगाल में संपत्ति विवाद से जुड़ी है।
नए फुटेज में परिवार इमारत की सीढ़ियां चढ़ते हुए दिखाई दे रहा है। रामप्रसाद दास के रूप में पहचाना गया व्यक्ति एक लाल बैग ले जाते हुए दिखाई दे रहा है और तीनों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर मास्क लगाए हैं।
पुलिस हत्या से पहले और बाद में परिवार की गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश में फुटेज की जांच कर रही है।
जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपी परिवार 2023 से पश्चिम बंगाल के बर्दवान में पॉल की पैतृक संपत्ति में रह रहा था। यह संपत्ति पारिवारिक समझौते के तहत पॉल को मिली थी और उसने बार-बार परिवार से संपत्ति खाली करने का अनुरोध किया था।
पुलिस के अनुसार, पॉल ने हाल ही में परिवार को संपत्ति खाली करने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर उनकी हत्या की साजिश रची।
आरोपी पीड़िता को जानते थे और कथित तौर पर बिना किसी प्रतिरोध के अपार्टमेंट में घुस गए और फ्लैट के अंदर ही उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि वे हत्या के लिए हथियार अपने साथ लाए थे।
हत्या के बाद, परिवार कथित तौर पर एक टैक्सी और फिर एक ऑटो रिक्शे में बैठकर आनंद विहार और उसके बाद नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन गया। फिर वे पूर्वा एक्सप्रेस में सवार होकर बर्दवान लौट गए।
भाषा शोभना वैभव
वैभव

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