पलक्कड़ (केरलम), 24 अगस्त (भाषा) पलक्कड़ रेलवे मंडल के विभाजन और मंगलुरु सहित विभिन्न स्टेशनों को मैसूरु मंडल में स्थानांतरित किए जाने के कदम के खिलाफ सोमवार को ‘डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (डीवाईएफआई) और ‘युवा कांग्रेस’ ने अलग-अलग प्रदर्शन किए। पुलिस ने बताया कि इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की युवा इकाई ‘डीवाईएफआई’ द्वारा आयोजित मार्च सुबह करीब आठ बजे मंडल रेलवे प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय पर पहुंचा।
पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों ने प्रदर्शनकारियों को मुख्य गेट पर ही रोक दिया।
पुलिस के अनुसार, हालांकि कुछ प्रदर्शनकारी चारदीवारी लांघकर कार्यालय भवन के मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंच गए। इसके बाद, कई अन्य प्रदर्शनकारी भी पुलिस की घेराबंदी तोड़कर परिसर के भीतर दाखिल हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं सहित डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं ने प्रवेश द्वार के सामने धरना दिया और प्रस्तावित विभाजन के खिलाफ नारेबाजी की।
इसके बाद, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भी कार्यालय की ओर मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने उनके मार्च को रास्ते में ही रोक दिया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी मौके पर डटे रहे और रेल मंत्री तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। जब वे हटने के लिए तैयार नहीं हुए, तो पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया और वहां से हटा दिया।
पलक्कड़ रेल मंडल के विभाजन के रेलवे बोर्ड के फैसले को लेकर केरलम में व्यापक विरोध देखने को मिल रहा है। कांग्रेस सांसदों ने ओणम के दिन पलक्कड़ मंडल रेलवे कार्यालय के समक्ष भूख हड़ताल करने की घोषणा की है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस कदम से पलक्कड़ मंडल के राजस्व पर बहुत बुरा असर पड़ेगा, क्योंकि इसकी कुल कमाई का एक बड़ा हिस्सा मंगलुरु बंदरगाह के जरिए माल ढुलाई से आता है। दूसरी ओर, केरलम में भाजपा नेताओं ने इस कदम का बचाव करते हुए दावा किया है कि इससे राज्य में रेलवे के विकास पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
इस बीच, केरलम के गृह मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने रेल मंत्रालय और केंद्र सरकार से पलक्कड़ रेल मंडल के विभाजन तथा मंगलुरु को मैसूरु मंडल के तहत लाने के फैसले को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया है।
भाषा सुमित अविनाश
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