महाराष्ट्र में हिंगोली जिले के कई हिस्सों में 4.7 तीव्रता के भूकंप के झटके, कोई हताहत नहीं

महाराष्ट्र में हिंगोली जिले के कई हिस्सों में 4.7 तीव्रता के भूकंप के झटके, कोई हताहत नहीं

महाराष्ट्र में हिंगोली जिले के कई हिस्सों में 4.7 तीव्रता के भूकंप के झटके, कोई हताहत नहीं
Modified Date: April 11, 2026 / 11:01 am IST
Published Date: April 11, 2026 11:01 am IST

छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र), 11 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र में मराठवाड़ा क्षेत्र के हिंगोली जिले के कुछ हिस्सों में शनिवार सुबह 4.7 तीव्रता का भूकंप आया, जबकि पड़ोसी नांदेड़ और परभणी जिलों के कुछ हिस्सों में भी झटके महसूस किए गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है।

हिंगोली के जिलाधिकारी राहुल गुप्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को फोन पर बताया कि पांगरा शिंदे गांव में कुछ घरों और सामुदायिक भवनों में दरारें आ गई हैं।

नांदेड़ जिला अधिकारियों ने राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई, जो सुबह 8:45 बजे दर्ज किया गया। इसका केंद्र हिंगोली जिले में वसमत तालुक के शिरली गांव में जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।

अधिकारियों ने बताया कि नांदेड़ शहर और उसके ग्रामीण क्षेत्रों अर्धापुर, हादगांव और हिमायतनगर तालुक के साथ-साथ परभणी जिले के कुछ हिस्सों में भी झटके महसूस किए गए।

हालांकि, प्रभावित जिलों में कहीं से भी जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन कुछ स्थानों पर मामूली ढांचागत नुकसान की सूचना मिली है।

गुप्ता ने कहा, ‘‘मुझे हिंगोली जिले में पांगरा शिंदे गांव के घरों और सामुदायिक भवनों में आई दरारों की तस्वीरें मिली हैं। हमारी टीम मौके पर जा रही हैं ताकि स्थिति का आकलन किया जा सके और नुकसान का सही आकलन किया जा सके।’’

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। एहतियात के तौर पर नांदेड़ और परभणी में आपातकालीन टीम तैयार रखी गई हैं।

प्राधिकारियों ने टिन की छत वाले घरों में रहने वाले लोगों को सलाह दी है कि वे छत पर रखे भारी पत्थरों को हटा दें और उनकी जगह शीट को ‘बोल्ट’ से सुरक्षित करें। साथ ही, किसी भी तरह के झटके या असामान्य आवाज महसूस होने पर तुरंत खुले स्थान पर जाएं और आपातकालीन हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

नांदेड़ के एक शिक्षक ने कहा, ‘‘मैं अपने कॉलेज के स्टाफरूम में बैठकर काम कर रहा था, तभी अचानक झटका महसूस हुआ। एक अलग तरह की आवाज सुनकर मैं कुछ पल के लिए भ्रमित हो गया, फिर समझ आया कि भूकंप का हल्का झटका है।’’

भाषा गोला सिम्मी

सिम्मी


लेखक के बारे में