दिल्ली विधानसभा में पेश किया जा सकता है व्यापार सुगमता विधेयक
दिल्ली विधानसभा में पेश किया जा सकता है व्यापार सुगमता विधेयक
नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) दिल्ली में व्यापार सुगमता बढ़ाने और जीवन को आसान बनाने के तहत विनियमन में ढील देने के दूसरे चरण को लागू करने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि इससे संबंधित कई विधेयक विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में पेश किए जाने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में हुई एक बैठक में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय राजधानी में विनियमन में ढील और अनुपालन संबंधी औपचारिकताओं में कमी लाने की कवायद का जायजा लिया।
उपराज्यपाल सचिवालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, अधिकारियों ने बैठक में बताया कि दिल्ली व्यापार सुगमता विधेयक 2026 तथा शिक्षा सुधार और सेवाओं का अधिकार से जुड़े विधेयकों के मसौदे को अंतिम रूप दे दिया गया है। इन्हें सात अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किए जाने की संभावना है।
उपराज्यपाल सचिवालय के अनुसार, बैठक में दिल्ली व्यापार सुगमता विधेयक 2026 के मसौदे की प्रगति की भी जानकारी दी गई। यह विधेयक दूसरे चरण के तहत चिन्हित 28 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से 13 क्षेत्रों से संबंधित है।
अधिकारियों ने कहा कि विधेयक के मसौदे को अंतिम रूप दे दिया गया है और उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर कैबिनेट इसे मंजूरी दे देगी।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि विनियमन में ढील के दूसरे चरण की प्रक्रिया के तहत जून से अब तक नौ प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सुधार लागू किए जा चुके हैं। इनमें एमसीडी द्वारा दोहरे व्यापार लाइसेंस की व्यवस्था समाप्त करना, दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए नियमों में ढील देना तथा बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया तेज करना शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि दूसरे चरण के बाकी 17 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर एमसीडी, डीडीए, अग्निशमन, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग विभाग समेत विभिन्न महकमों में काम जारी है।
बयान के अनुसार, इस कवायद का पहला चरण जनवरी 2025 में शुरू किया गया था, जिसमें 23 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया था। वहीं, दूसरा चरण इस वर्ष जनवरी में शुरू हुआ और इसमें भी 23 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर तवज्जो दी गई है।
भाषा
नोमान नोमान पारुल
पारुल

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