निर्वाचन आयोग को हमारे समृद्ध इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका पर विचार करना चाहिए था: भाकपा

निर्वाचन आयोग को हमारे समृद्ध इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका पर विचार करना चाहिए था: भाकपा

निर्वाचन आयोग को हमारे समृद्ध इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका पर विचार करना चाहिए था: भाकपा
Modified Date: April 11, 2023 / 06:03 pm IST
Published Date: April 11, 2023 6:03 pm IST

नयी दिल्ली, 11 अप्रैल (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा वापस लिये जाने के एक दिन बाद मंगलवार को कहा कि निर्वाचन आयोग को यह फैसला करने से पहले इस पर भी विचार करना चाहिए था कि स्वतंत्रता आंदोलन में भाकपा की क्या भूमिका थी।

भाकपा ने एक बयान में यह भी कहा कि वह देश की सबसे पुरानी पार्टियों में से एक है और आज भी उसकी अखिल भारतीय स्तर पर पहुंच और जनसमर्थन है।

वामदल ने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के समृद्ध इतिहास के साथ इस पर उचित ढंग से विचार करना चाहिए था कि ब्रिटिश राज के खिलाफ संघर्ष में उसने प्रमुख भमिका निभाई थी।’’

उसने कहा कि देश में लोकतांत्रिक राजनीतिक व्यवस्था को मजबूत करने में भाकपा की अग्रणी भूमिका है।

भाकपा ने कहा कि वह देश के लिए अपनी समर्पित सेवा और लोगों के अधिकार के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

निर्वाचन आयोग ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया तथा तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का राष्ट्रीय दल का दर्जा वापस ले लिया।

आयोग ने अलग-अलग आदेशों में उत्तर प्रदेश में रालोद, आंध्र प्रदेश में बीआरएस, मणिपुर में पीडीए, पुडुचेरी में पीएमके, पश्चिम बंगाल में आरएसपी और मिजोरम में एमपीसी को दिया गया राज्य स्तर की पार्टी का दर्जा भी खत्म कर दिया।

देश में अब छह दल-भाजपा, कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और आप राष्ट्रीय पार्टी हैं।

भाषा हक हक दिलीप

दिलीप


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