ईडी ने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े धनशोधन मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया
ईडी ने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े धनशोधन मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया
बेंगलुरु, नौ मई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को कहा कि उसने ‘क्रिप्टोकरेंसी’ से जुड़े धनशोधन मामले में कथित क्रिप्टो हैकर श्रीकृष्ण रमेश उर्फ “श्रीकि” समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि श्रीकि, रॉबिन खंडेलवाल और सुनीश हेगड़े को आठ मई को हिरासत में लिया गया। उन्हें शनिवार को बेंगलुरु की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 10 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया।
केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में 20 अप्रैल को छापेमारी की थी। इसके तहत कर्नाटक कांग्रेस विधायक एन. ए. हारिस के पुत्रों मोहम्मद हारिस नलापड़ व उमर फारूक नलापड़ और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री के. रहमान खान के पोते आकिब खान समेत अन्य आरोपियों के विभिन्न परिसर पर छापेमारी की गई।
कर्नाटक युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद हारिस नलापड़ ने बाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान किसी भी गलत काम से इनकार किया और कहा कि उनके और उनके भाई के घर में 21 घंटे चली ईडी की छापेमारी में कुछ भी नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में है और उनका आचरण सही रहा है।
यह धनशोधन मामला कर्नाटक पुलिस की कुछ प्राथमिकियों और 2017 के एक मामले में दर्ज आरोप पत्रों से जुड़ा है, जिनमें कथित हैकर श्रीकि और उसके सहयोगियों पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वेबसाइटों को हैक करने, बिटकॉइन चुराने और इन ‘चुराए गए’ ‘वर्चुअल डिजिटल एसेट्स’ (वीडीए) को क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर बेचने का आरोप लगाया गया था।
हारिस और उमर फारूक से इस मामले में कर्नाटक पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने पूछताछ की है।
एएन हारिस (59) चार बार कांग्रेस विधायक रह चुके हैं। उन्होंने 2008 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में शांतिनगर सीट से जीत हासिल की थी।
राज्य पुलिस ने मामले की जांच के दौरान श्रीकृष्ण रमेश को गिरफ्तार किया था।
कांग्रेस नेताओं ने 2021 में आरोप लगाया था कि रमेश ने 10,000 करोड़ रुपये के बिटकॉइन हैक किए। उन्होंने तत्कालीन भाजपा सरकार की संभावित संलिप्तता की जांच की मांग की थी।
भाषा जोहेब संतोष
संतोष

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