हाइब्रिड गांजा तस्करी से जुड़े धनशोधन मामलों में केरलम में ईडी की कई जगहों पर छापेमारी

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हाइब्रिड गांजा तस्करी से जुड़े धनशोधन मामलों में केरलम में ईडी की कई जगहों पर छापेमारी

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  • Publish Date - September 3, 2026 / 07:24 PM IST,
    Updated On - September 3, 2026 / 07:24 PM IST

कोच्चि, तीन सितंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेश से मादक पदार्थों की तस्करी के दो मामलों से जुड़ी धन शोधन जांच के तहत बृहस्पतिवार को केरल में कई स्थानों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

ईडी ने यह छापेमारी इस साल जून में हाइब्रिड गांजे और पिछले साल अक्टूबर में मलप्पुरम के कारीपुर हवाई अड्डे पर भारी मात्रा में तस्करी कर लाए गए एमडीएमए की जब्ती के मामलों के संबंध में की है।

ईडी अधिकारियों के अनुसार, हाइब्रिड गांजा जब्त करने की मामले में कोझिकोड और पलक्कड़ जिलों में आरोपियों अबू ताहिर, हरिकृष्णन, जगत और जैसल के आवासों पर तलाशी ली जा रही है।

इस वर्ष जून में एर्णाकुलम ग्रामीण पुलिस ने एक दंपति को गिरफ्तार किया था और पेरुम्बावूर से करीब 18 किलोग्राम हाइब्रिड गांजा बरामद किया था। इसकी कीमत लगभग 18 करोड़ रुपये बताई गई थी।

हाइड्रोपोनिक तकनीक से उगाए जाने वाले हाइब्रिड गांजे की कथित तौर पर मुख्य रूप से थाईलैंड से केरलम में तस्करी की जाती है।

इसके बाद पुलिस ने नौ और लोगों को गिरफ्तार किया था। इन लोगों पर थाईलैंड से बड़ी मात्रा में हाइब्रिड गांजे की तस्करी करने वाले एक गिरोह का हिस्सा होने का आरोप है।

पुलिस की जांच के आधार पर ईडी ने हाल ही में धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया है।

प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर थाईलैंड से भारत तक मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित बड़ी मात्रा में धन के शोधन में शामिल थे।

अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर अवैध माध्यमों से थाईलैंड में पैसे भेजे।

ईडी इस मामले में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के उल्लंघन की भी जांच कर रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर ऐसे लोगों को भी तस्करी के लिए नियुक्त किया था, जो अपने साथ मादक पदार्थ लेकर थाईलैंड से भारत आते थे। आरोपियों ने इन लोगों के लिए वीजा की व्यवस्था की और उन्हें इसके लिए पैसे भी दिए।

प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों ने बताया कि इस गिरोह में कथित रूप से शामिल कुछ आरोपी अब भी थाईलैंड में हैं। पुलिस और एजेंसी उन्हें भारत वापस लाने के प्रयास कर रही हैं।

ईडी के अनुसार, दूसरे मामला पिछले साल अक्टूबर का है। उस समय ओमान से तस्करी कर लाए गए 949.26 ग्राम एमडीएमए की जब्ती के सिलसिले में कोझिकोड में चार स्थानों पर तलाश ली गई।

ईडी ने कहा, ‘‘पीएमएलए के तहत जांच के दौरान यह पता चला है कि मुख्य आरोपी लिगीश ने भारत में मादक पदार्थों की तस्करी की थी। ये मादक पदार्थ स्थानीय स्तर पर वितरित किया जाना था। इसे शमनाद सीके के निर्देशानुसार अन्य आरोपियों राफनास और शिहाबुद्दीन को सौंपा जाना था। जब्त किए गए मादक पदार्थ का बाजार मूल्य 50 लाख रुपये है।’’

प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि शमनाद मामले का मुख्य साजिशकर्ता था।

त्रिशूर जिले के मुरिंगूर के रहने वाले लिगीश (49) को सीमा शुल्क विभाग की जांच पूरी कर कारीपुर हवाई अड्डे से बाहर निकलते समय पुलिस ने रोका था। उसके सामान में रखे डायपर के भीतर छिपाकर रखे गए एमडीएमए के कुल 21 पैकेट बरामद किए गए थे।

भाषा

प्रचेता रंजन

रंजन