ईडी ने 336 करोड़ रुपये के क्रिप्टो धोखाधड़ी मामले में छापेमारी की
ईडी ने 336 करोड़ रुपये के क्रिप्टो धोखाधड़ी मामले में छापेमारी की
नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कहा कि उसने 336 करोड़ रुपये की कथित ‘क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग’ धोखाधड़ी के मामले में धन शोधन का मामला दर्ज किया है और इस सिलसिले में छापेमारी की है।
इस कथित धोखाधड़ी में नीदरलैंड के एक नागरिक के साथ ठगी की गई थी।
केंद्रीय एजेंसी के बेंगलुरु कार्यालय ने 18 और 19 जुलाई को क्रिप्टो संपत्ति में ‘ओवर-द-काउंटर’ (ओटीसी) कारोबार के सिलसिले में छापेमारी की। इन कारोबार में ‘मल्टीवरसेक्स’, ‘कावा’, ‘बीम’, ‘ग्रास’, ‘एसयूआई’, ‘वाना’ और ‘एजीएलडी’ जैसे डिजिटल टोकन शामिल थे।
धन शोधन का यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया गया है। यह मामला दक्षिण अंडमान के साइबर अपराध थाने में दर्ज एक प्राथमिकी से जुड़ा है।
ईडी ने एक बयान में कहा कि यह मामला नीदरलैंड के एक नागरिक की शिकायत पर आधारित है, जिसमें बड़े पैमाने पर घोटाले का आरोप लगाया गया था।
आरोप है कि शिकायतकर्ता से लाखों डॉलर का निवेश मिलने के बाद बाजार की स्थिति बेहतर होने पर आरोपियों ने अचानक वादे के मुताबिक डिजिटल टोकन देना बंद कर दिया।
निवेश की गई राशि बेंगलुरु के एक व्यक्ति तक पहुंची थी जिसकी पहचान ईडी ने रवींद्र के. के तौर पर की है। व्यक्ति को इस कथित धोखाधड़ी का ‘मास्टरमाइंड’ बताया जा रहा है।
एजेंसी ने बताया कि कथित घोटाले की रकम 3.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर (336 करोड़ रुपये) थी, जो पुलिस प्राथमिकी में बताई गई एक करोड़ अमेरिकी डॉलर की रकम से काफी अधिक है।
भाषा सुरभि नरेश
नरेश

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