ED Raid In Kolkata: ग्रीन फाइलों में कौन सा सच? ED रेड के बीच ही लेने पहुंच गईं ममता बनर्जी, I-PAC से जुड़ा कनेक्शन

ED Raid In Kolkata: कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

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  • Publish Date - January 8, 2026 / 07:28 PM IST,
    Updated On - January 8, 2026 / 07:32 PM IST

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HIGHLIGHTS
  • ममता बनर्जी ने लगाए गंभीर आरोप
  • फाइलों को सुरक्षित करने का मामला
  • I-PAC के ठिकानों पर छापेमारी
  • I-PAC और ममता बनर्जी का संबंध

ED Raid In Kolkata: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से जुड़ी राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी के बाद उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियों पर तीखा हमला बोला।

I-PAC के ठिकानों पर छापेमारी

ईडी ने सेंट्रल कोलकाता में I-PAC के वरिष्ठ अधिकारी प्रतीक जैन के आवास और सॉल्ट लेक सेक्टर-5 स्थित गोदरेज वाटरसाइड बिल्डिंग में फर्म के कार्यालय पर छापेमारी की। (ED Raid In I-PAC Kolkata)  प्रतीक जैन को ममता बनर्जी की चुनावी रणनीति टीम का अहम सदस्य माना जाता है। छापे की खबर फैलते ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।

कार्रवाई के बाद ममता बनर्जी ने सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए उन्हें “शरारती गृह मंत्री” कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार उनकी पार्टी की रणनीति, उम्मीदवारों की सूची और आंतरिक दस्तावेज़ हासिल करना चाहती है। (ED Raid In I-PAC Kolkata) ममता ने दावा किया कि ईडी उनके कार्यालय से फाइलें उठा रही थी और वहां कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था।

फाइलों को सुरक्षित करने का मामला

इस बीच खबर आई कि ममता बनर्जी के कार्यालय से कुछ फाइलें उठाकर उनके काफिले की गाड़ी में रखी गईं। इससे यह सवाल उठने लगे कि उन दस्तावेज़ों में आखिर क्या जानकारी थी, जिसे इतनी जल्दी सुरक्षित किया गया। इस पर अभी तक ईडी या टीएमसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

मीडिया से बातचीत में ममता बनर्जी ने कहा कि ईडी का छापा उनकी पार्टी की चुनावी रणनीति तक पहुंचने के लिए मारा गया। उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि आईटी सेक्टर से जुड़े कार्यालय में आकर उम्मीदवारों की सूची और योजनाओं को जब्त करना एजेंसी का काम नहीं है। बढ़ते तनाव को देखते हुए बिधाननगर पुलिस कमिश्नर भी मौके पर पहुंचे।

I-PAC और ममता बनर्जी का संबंध

I-PAC लंबे समय से ममता बनर्जी की चुनावी रणनीतिकार रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में इस फर्म ने टीएमसी को बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद पार्टी ने I-PAC के साथ अपना करार 2026 तक बढ़ा दिया। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी I-PAC ने पश्चिम बंगाल में टीएमसी को रणनीतिक सहयोग दिया।

इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी की शुरुआत 2013 में सिटीज़न्स फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस के रूप में हुई थी। यह संस्था राजनीतिक दलों और नेताओं के लिए चुनावी रणनीति तैयार करती है। 2014 में “चाय पर चर्चा”, “मोदी आने वाले हैं” और “घर-घर मोदी” जैसे अभियानों की अवधारणा इसी फर्म से जुड़ी रही। इसके बाद बिहार, पंजाब, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में I-PAC ने अलग-अलग दलों के लिए चुनावी रणनीति बनाई।

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ईडी ने छापेमारी कहाँ की?

ईडी ने सेंट्रल कोलकाता में I-PAC के वरिष्ठ अधिकारी प्रतीक जैन के आवास और सॉल्ट लेक सेक्टर-5 स्थित गोदरेज वाटरसाइड बिल्डिंग में फर्म के कार्यालय पर छापेमारी की।

ममता बनर्जी ने क्या आरोप लगाए?

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ईडी उनकी पार्टी की रणनीति, उम्मीदवारों की सूची और आंतरिक दस्तावेज़ हासिल करने की कोशिश कर रही है।

फाइलों को सुरक्षित करने का मामला क्या है?

खबरों के अनुसार, ममता बनर्जी के कार्यालय से कुछ फाइलें उठाकर उनके काफिले की गाड़ी में रखी गईं। इससे यह सवाल उठे कि उन दस्तावेज़ों में आखिर क्या जानकारी थी, जिसे इतनी जल्दी सुरक्षित किया गया।

I-PAC का ममता बनर्जी और टीएमसी से क्या रिश्ता है?

I-PAC लंबे समय से ममता बनर्जी की चुनावी रणनीतिकार रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में I-PAC ने टीएमसी को बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।