RAPE CASE/ image source: FREEPIK
Assam Girl Gang Rape Case: गुवाहाटी: असम के कछार जिले के सिलचर शहर के पास एक 28 युवती महिला के साथ उसके बॉयफ्रेंड के सामने सामूहिक दुष्कर्म की भयावह घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पुलिस के अनुसार घटना 19 फरवरी को शहर से कुछ किलोमीटर दूर बाईपास रोड पर हुई, जब महिला अपने युवती के साथ कार में थी। उसके बाद बहुत डरावनी चीजें हुईं। चलिए विस्तार से पूरा मामला बताते हैं।
असम के कछार जिले के सिलचर शहर के पास एक 28 वर्षीय महिला के साथ उसके बॉयफ्रेंड के सामने सामूहिक दुष्कर्म की भयावह घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पुलिस के अनुसार घटना 19 फरवरी को शहर से कुछ किलोमीटर दूर बाईपास रोड पर हुई, जब महिला अपने मित्र के साथ कार में थी। तभी एक एसयूवी में आए करीब सात लोगों ने उन पर हमला कर दिया।
आरोपियों ने पहले कपल से पूछताछ के बहाने उन्हें रोका, फिर युवक को काबू कर महिला को जबरन वाहन से बाहर ले जाकर उसके सामने बारी-बारी से दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपियों में से एक ने पीड़िता से कथित तौर पर 10 हजार रुपये उसके खाते में ट्रांसफर भी कराए।
पुलिस ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर सिलचर सदर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(1) (गैंगरेप) सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता ने दो आरोपियों की पहचान की, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी पांच आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों ने कपल को धमकाया, लूटपाट की कोशिश की और जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस का कहना है कि घटना की जांच प्राथमिकता से की जा रही है और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
मामला उस समय और सुर्खियों में आया जब एक स्थानीय पत्रकार पर कथित तौर पर आरोपी के परिजनों ने हमला कर दिया, क्योंकि उसने घटना की रिपोर्टिंग की थी। पत्रकार ने आरोप लगाया कि उसे नेशनल हाईवे के पास रोका गया, धमकाया गया और मारपीट की गई। इस मामले में भी पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। घटना को लेकर राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और त्वरित न्याय की मांग की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाएं और जांच में सहयोग करें। यह घटना एक बार फिर महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था और पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता पर गंभीर बहस छेड़ रही है।