ईडी ने इस वित्त वर्ष में 500 आरोपपत्र दाखिल करने का लक्ष्य रखा; जांच एक-दो साल में पूरी करने पर जोर

ईडी ने इस वित्त वर्ष में 500 आरोपपत्र दाखिल करने का लक्ष्य रखा; जांच एक-दो साल में पूरी करने पर जोर

ईडी ने इस वित्त वर्ष में 500 आरोपपत्र दाखिल करने का लक्ष्य रखा; जांच एक-दो साल में पूरी करने पर जोर
Modified Date: February 22, 2026 / 04:40 pm IST
Published Date: February 22, 2026 4:40 pm IST

नयी दिल्ली, 22 फरवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चालू वित्त वर्ष में धनशोधन के मामलों में 500 आरोपपत्र दाखिल करने का लक्ष्य रखा है और जांच अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मामला दर्ज होने के बाद, ‘‘जटिल’’ मामलों को छोड़कर, जांच एक से दो साल के भीतर पूरी की जाए। जांच एजेंसी ने रविवार को यह जानकारी दी।

इन उपायों पर पिछले साल 19-21 दिसंबर को असम की राजधानी गुवाहाटी में आयोजित संघीय जांच एजेंसी के क्षेत्रीय अधिकारियों के 34वें त्रैमासिक सम्मेलन (क्यूसीजो) के दौरान चर्चा की गई और इन्हें अंतिम रूप दिया गया। बैठक की अध्यक्षता ईडी निदेशक राहुल नवीन ने की थी।

ईडी ने एक बयान में कहा, ‘‘पूर्वोत्तर क्षेत्र में सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय प्रवर्तन निदेशालय द्वारा इस क्षेत्र के रणनीतिक और परिचालन महत्व को दर्शाता है।’’

इसमें कहा गया कि यह बैठक महत्वपूर्ण थी क्योंकि यह मौजूदा वित्त वर्ष (31 मार्च) के अंत से पहले की आखिरी बैठक थी।

बयान के मुताबिक, अधिकारियों को बताया गया कि लक्ष्यों को ‘‘सार्थक’’ रूप से प्राप्त करने, जांचों के तार्किक निष्कर्ष, अभियोजन शिकायतों को समय पर दर्ज करने और यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए कि कुर्की एवं जुर्माना कानूनी रूप से टिकाऊ और प्रभावी ढंग से लागू किए जाएं।

इसमें कहा गया, ‘‘चालू वित्त वर्ष में 500 आरोपपत्र दाखिल करने के लक्ष्य को दोहराया गया और सभी इकाइयों से आग्रह किया गया कि वे इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समन्वित प्रयास करें तथा अगले वित्त वर्ष में बढ़े हुए लक्ष्य के लिए तैयारी करें।’’

बयान के मुताबिक, ईडी के अधिकारियों को यह भी बताया गया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत उन्हें दी गई शक्तियों का इस्तेमाल पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए और उन्हें इनका प्रयोग ‘‘सावधानी, निष्पक्षता एवं जवाबदेही’’ के साथ करना चाहिए।

भाषा शफीक नेत्रपाल

नेत्रपाल


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