पोषण अभियान को जन आंदोलन बनाने का प्रयास : मंत्री अन्नपूर्णा देवी

पोषण अभियान को जन आंदोलन बनाने का प्रयास : मंत्री अन्नपूर्णा देवी

पोषण अभियान को जन आंदोलन बनाने का प्रयास : मंत्री अन्नपूर्णा देवी
Modified Date: April 9, 2026 / 08:21 pm IST
Published Date: April 9, 2026 8:21 pm IST

नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बृहस्पतिवार को कहा कि पोषण अभियान को ‘जन आंदोलन’ बनना चाहिए और उन्होंने जीवन के पहले छह वर्षों में बच्चों के स्क्रीन टाइम को कम करने और पोषण में सुधार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

‘जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना’ विषय के तहत पोषण पखवाड़े के आठवें संस्करण की शुरुआत करते हुए देवी ने कहा कि यह अभियान केवल एक पोषण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसे एक “जन आंदोलन” में बदलने का प्रयास है।

उन्होंने कहा, “बच्चे के जीवन के पहले छह साल सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। मस्तिष्क का 85 प्रतिशत विकास इसी अवधि के दौरान होता है, इसलिए हम सभी को इस पर ध्यान देना होगा।”

देवी ने आगे कहा, “यह सिर्फ एक पोषण अभियान नहीं है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इसे ‘जन आंदोलन’ बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।”

महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, महिला एवं बाल विकास सचिव अनिल मलिक और संयुक्त सचिव राधिका झा भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

देवी ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और शुरुआती वर्षों में उचित पोषण सुनिश्चित करना विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।

मंत्री ने कहा, “हमारे बच्चों के बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं हो सकता।”

देवी ने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के पास देश भर में लगभग 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों का एक विशाल नेटवर्क है, जो लगभग हर गांव और घर तक पहुंचता है।

उन्होंने कहा कि 8.9 करोड़ से अधिक लाभार्थी आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़े हुए हैं और उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सभी मौसमों में अपना काम जारी रखने के लिए श्रेय दिया।

भाषा

प्रशांत माधव

माधव


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