निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में 432 मतगणना पर्यवेक्षक तैनात किये
निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में 432 मतगणना पर्यवेक्षक तैनात किये
कोलकाता, तीन मई (भाषा) निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में सोमवार को मतों की पारदर्शी और सुचारू गिनती सुनिश्चित करने के लिए 432 मतगणना पर्यवेक्षकों की तैनाती की है।
निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा कि संवेदनशील और चुनावी महत्व को देखते हुए कई जिलों में अतिरिक्त पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।
उत्तर 24 परगना जिले की 33 सीट के लिए 49 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, जबकि दक्षिण 24 परगना जिले की 31 सीट के लिए 45 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।
मुर्शिदाबाद में 22 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 33 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, जो बढ़ी हुई निगरानी व्यवस्था दर्शाता है।
दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिलों में, प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक अतिरिक्त पर्यवेक्षक उपलब्ध कराया गया है।
बयान में कहा गया है कि इस बीच, प्रवर्तन एजेंसियों ने 26 फरवरी से 2 मई तक चुनाव अवधि के दौरान अवैध प्रलोभनों पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक अभियान चलाए और जब्त की गई वस्तुओं का कुल मूल्य लगभग 561 करोड़ रुपये है।
बयान के अनुसार जब्ती में 30.79 करोड़ रुपये नकद और 145.07 करोड़ रुपये मूल्य की 55 लाख लीटर से अधिक शराब शामिल है।
बयान के अनुसार इसके अलावा, 127.02 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ के साथ ही 37.52 करोड़ रुपये मूल्य की कीमती धातुएं भी जब्त की गई हैं।
इसके अतिरिक्त, इस अवधि के दौरान 189.86 करोड़ रुपये मूल्य की वस्तुएं और अन्य सामान जब्त किए गए, जिनमें विदेशी मुद्रा भी शामिल है।
निर्वाचन आयोग ने कहा कि राज्य पुलिस और राज्य आबकारी विभाग के कर्मियों ने अवैध नकदी और शराब पर कार्रवाई का नेतृत्व किया।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और सीमा शुल्क सहित केंद्रीय एजेंसियों ने भी प्रवर्तन प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निर्वाचन आयोग ने कहा कि पर्यवेक्षकों की व्यापक तैनाती, बड़े पैमाने पर प्रवर्तन कार्रवाई और जब्ती राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और प्रलोभन-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
भाषा अमित रंजन
रंजन

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