निर्वाचन आयोग ने तृणमूल के ऋतब्रत गुट को जवाब सौंपने के लिए 10 जुलाई तक का समय दिया
निर्वाचन आयोग ने तृणमूल के ऋतब्रत गुट को जवाब सौंपने के लिए 10 जुलाई तक का समय दिया
नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) निर्वाचन आयोग ने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट को पार्टी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं और संगठनात्मक चुनावों से जुड़े दावों पर 10 जुलाई तक अपना जवाब सौंपने को कहा है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
इससे पहले, दो जुलाई को निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों से पार्टी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं और संगठनात्मक चुनावों को लेकर अपने-अपने दावे और प्रतिदावे प्रस्तुत करने को कहा था।
आयोग ने ममता बनर्जी और बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी, दोनों को पत्र भेजकर छह जुलाई शाम साढ़े पांच बजे तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।
सूत्रों ने बताया कि जहां ममता बनर्जी गुट ने सोमवार को अपना जवाब आयोग को सौंप दिया, वहीं आयोग ने अब बागी गुट को अपना पक्ष रखने के लिए शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे तक का समय दिया है।
तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि समय-सीमा बढ़ाने से यह स्पष्ट होता है कि निर्वाचन आयोग ‘‘भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है।’’
सोमवार को निर्वाचन आयोग को सौंपे गए अपने जवाब में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने बागी गुट के दावों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी के संविधान के अनुसार तृणमूल की संगठनात्मक समितियां 2027 तक वैध हैं।
जवाब में कहा गया कि पार्टी के अंतिम संगठनात्मक चुनाव 2022 में हुए थे। साथ ही बागी गुट के इस दावे को तथ्यात्मक और कानूनी रूप से निराधार बताया गया कि संगठनात्मक समितियों का कार्यकाल 2025 में समाप्त हो गया।
पिछले सप्ताह यह विवाद उस समय और बढ़ गया, जब ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात कर दावा किया कि वही अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस का ‘‘वास्तविक’’ प्रतिनिधि है।
बागी गुट ने आयोग को बताया कि उसने 22 जून को एक विशेष संगठनात्मक अधिवेशन आयोजित किया था और उसमें किए गए संगठनात्मक बदलावों को मान्यता देने की मांग की है।
भाषा गोला सुभाष
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