प्रचार के दौरान सामाजिक दूरी के नियमों के उल्लंघन का निर्वाचन आयोग ने लिया संज्ञान

प्रचार के दौरान सामाजिक दूरी के नियमों के उल्लंघन का निर्वाचन आयोग ने लिया संज्ञान

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  • Publish Date - October 21, 2020 / 01:13 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:47 PM IST

नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर (भाषा) निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रचार के दौरान सामजिक दूरी के नियमों का घोर उल्लंघन किये जाने और उसके दिशानिर्देशों की अवहेलना करते हुए नेताओं द्वारा जन सभाओं को बगैर मास्क पहने संबोधित करने का बुधवार को गंभीरता से संज्ञान लिया।

सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर की पार्टियों के अध्यक्षों और महासचिवों को जारी एक परामर्श में निर्वाचन आयोग ने कहा है कि संबद्ध उम्मीदवारों एवं इस तरह के उल्लंघनों के लिये जिम्मेदार आयोजकों के खिलाफ मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) तथा जिला मशीनरी (प्रशासन) से दंडनीय प्रावधान पर अमल की उम्मीद की जाएगी।

आयोग ने कहा कि दिशानिर्देशों के अनुपालन के लिये अलग-अलग निर्देश सीईओ और चुनावी राज्यों की सरकारों को जारी किया जा रहा है।

निर्वाचन आयोग ने कहा, ‘‘आयोग के संज्ञान में इस तरह की जन सभाओं के दृष्टांत आये हैं जिनमें सामाजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन करते हुए भारी भीड़ जमा थी और नेता तथा चुनाव प्रचारक बगैर मास्क पहने भीड़ को संबोधित कर रहे थे तथा ऐसा निवार्चन आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देशों एवं निर्देशों की पूरी तरह से अवहेलना करते हुए किया गया।’’

आयोग ने कहा, ‘‘नियमों का अनुपालन नहीं कर राजनीतिक पार्टियां और उम्मीदवार दंडाभाव के साथ न सिर्फ उसके दिशनिर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि खुद को तथा रैलियों और सभाओं में एकत्रित जनसमूह को महामारी के दौरान (कोरोना वायरस) संक्रमण के खतरे में डाल रहे हैं। ’’

आयोग ने यह जिक्र किया है कि निर्वाचन प्रक्रिया में सबसे अहम हितधारक होने के नाते पार्टियां चुनाव कराने के लिये आयोग द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करने के प्रति कर्तव्यबद्ध हैं।

आयोग ने अगस्त में जारी दिशानिर्देशों का जिक्र करते हुए चेतावनी दी, ‘‘चुनाव प्रचार के दौरान निर्देशों का पालन नहीं किये जाने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम,2005 के प्रावधानों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जएगी। ’’

परामर्श में कहा गया है, ‘‘आयोग ने जमीनी स्तर पर भीड़ को अनुशासित रखने के संदर्भ में राजनीतिक पार्टियों और उम्मीदवारों की ओर से बरती गई लापरवाही पर गंभीर संज्ञान लिया है, और इसलिए यह (आयोग) इस बात को दोहराता है और उन्हें परामर्श दिया जाता है कि वे चुनाव प्रचार करने के दौरान अत्यधिक सतर्कता एवं सावधानी बरतें। ’’

बिहार विधानसभा चुनाव और अन्य राज्यों में उपचुनावों के लिये चुनाव प्रचार जोरशोर से चल रहा है।

बिहार में विधानसभा तीन चरणों में होने का कार्यक्रम है, पहले चरण का चुनाव 28 अक्टूबर को, दूसरे चरण का तीन नवंबर को और तीसरे चरण का चुनाव सात नवंबर को होगा। अन्य राज्यों में ज्यादातर विधानसभा उपचुनाव तीन नवंबर को हैं। बिहार में वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट पर और मणिपुर में कुछ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव सात नवंबर को होना है।

आयोग का परामर्श प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोगों से मास्क पहनने, खासतौर पर त्योहारों के मौसम में, सहित कोविड के सभी दिशानिर्देशों का पालन करने का अनुरोध किये जाने के एक दिन बाद आया है।

आयोग ने नौ अक्टूबर के अपने परामर्श का भी जिक्र किया, जिसमें उसने सभी स्तर पर, खासतौर पर लोगों की शारीरिक उपस्थिति के बीच चुनाव प्रचार करने के दौरान, कोविड-19 से जुड़े सभी निर्देशों का पालन करने में राजनीतिक पार्टियों से सहयोग मांगा था।

आयोग ने अपने पूर्व के परामर्श में कहा था कि मास्क पहनना, सेनिटाजर का इस्तेमाल करना और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना सहित एहतियाती उपाय बरतना व्यापक जनहित में सभी हितधारकों का कर्तव्य है।

आयोग ने महामारी के दौरान कराये जाने वाले चुनावों के लिये अगस्त महीने में व्यापक दिशानिर्देश जारी किये थे।

भाषा

सुभाष माधव

माधव