ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप सच सिद्ध हुए तो निर्वाचन आयोग पुन: मतदान का देगा आदेश: अधिकारी

ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप सच सिद्ध हुए तो निर्वाचन आयोग पुन: मतदान का देगा आदेश: अधिकारी

ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप सच सिद्ध हुए तो निर्वाचन आयोग पुन: मतदान का देगा आदेश: अधिकारी
Modified Date: April 29, 2026 / 10:02 pm IST
Published Date: April 29, 2026 10:02 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

कोलकाता, 29 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि निर्वाचन आयोग उन मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान का आदेश देगा जहां टेप या स्याही का उपयोग करके ईवीएम से छेड़छाड़ करने के आरोप सही पाए जायेंगे क्योंकि आयोग की ऐसे अपराधों को ‘बिल्कुल बर्दाश्त नहीं’ करने की नीति है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ईवीएम में टेप या स्याही से छेड़छाड़ के आरोपों पर जिला निर्वाचन अधिकारी या चुनाव पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद ही पुनर्मतदान का आदेश दिया जाएगा।

अग्रवाल का बयान ऐसे समय में आया है जब भाजपा ने आरोप लगाया है कि आज दूसरे एवं आखिरी चरण के मतदान के दौरान कुछ मतदान केंद्रों में उसके चुनाव चिह्न को टेप से ढ़क दिया गया या उस पर स्याही डाल दी गयी।

भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या 144 और 189 पर पार्टी के चिह्न पर सफेद टेप लगा दिया गया है। मालवीय ने इन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान की मांग की।

अग्रवाल ने संवाददाताओं से कहा, “जहां कहीं भी हमें (ईवीएम पर) टेप लगा मिला या ईवीएम के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ पाई गई, वहां हम दोबारा मतदान कराएंगे। हम बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति का पालन करेंगे।”

उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में मतदान अधिकारियों द्वारा मशीनों के संचालन के दौरान किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ का कोई संकेत नहीं मिला है, जिसमें ‘मॉक पोल’ भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “यदि किसी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों से ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, तो हम पूरे क्षेत्र में दोबारा मतदान कराएंगे। मेरे पास उन मतदान केंद्रों की सटीक संख्या नहीं है (जहां आरोप लगाए गए हैं)।”

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार, ईवीएम को संभालने की जिम्मेदारी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की होती है। उन्होंने कहा कि कथित घटनाएं मतदान के दौरान हुई होंगी।

उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि लोगों ने वोट डालने जाते समय मशीनों पर ये टेप चिपका दिये होंगे। ऐसा नहीं है कि हम इसका पता नहीं लगा पाएंगे। हम जांच करेंगे कि लोगों ने वोट डालने में कितना समय लगाया।”

अग्रवाल ने कहा कि दोषी पाए जाने वालों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा अपने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के कुछ हिस्सों में पुलिस और केंद्रीय बलों की ‘अत्यधिक सक्रियता’ के आरोप पर अग्रवाल ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों ने अपने आकलन के अनुसार कार्रवाई की।

उन्होंने कहा, “हम यह नहीं कह सकते कि पुलिस क्या कर रही है। स्थिति का आकलन करना और अशांति को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाना पुलिस का काम है। उन्हें कुछ जानकारी मिली होगी, इसीलिए उन्होंने कार्रवाई की। निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने की जिम्मेदारी भी पुलिस की ही है।”

निर्वाचन आयोग ने बताया कि बुधवार को जिन 142 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ, वहां से अब तक विभिन्न प्रकार की 2,196 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान हुआ था। परिणाम चार मई को घोषित किए जाएंगे।

भाषा राजकुमार वैभव

वैभव


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