संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर चुनाव नहीं जीते जा सकते: सावंत का कांग्रेस पर निशाना
संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर चुनाव नहीं जीते जा सकते: सावंत का कांग्रेस पर निशाना
पणजी, 28 सितंबर (भाषा) गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने निर्वाचन आयोग को निशाना बनाने को लेकर सोमवार को कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर बार-बार आरोप लगाने तथा चुनावी प्रक्रियाओं के सबूत मांगने से चुनाव नहीं जीते जा सकते।
सावंत ने पणजी में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव हारने के बाद ही ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है, जबकि कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में चुनाव जीतने पर उसी व्यवस्था को स्वीकार कर लेती है।
उन्होंने गोवा के जिला पंचायत चुनावों का भी जिक्र किया, जो मतपत्र के जरिए कराए जाते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की चुनावी हार के लिए केवल ईवीएम को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा, ‘‘जब ईवीएम का मुद्दा काम नहीं आता, तो वे (कांग्रेस) संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने लगते हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी के इन कृत्यों का उद्देश्य मतदाताओं के मन में संदेह पैदा करना है।
सावंत का यह बयान निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर जारी विवाद के बीच आया है। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खबर के मुताबिक, चुनाव आयुक्त एस. एस. संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में मतदाता पंजीकरण, मतदाताओं के नाम हटाने और बहाल करने तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई थी।
सावंत ने कहा कि निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और संस्थाओं पर बार-बार आरोप लगाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाकर चुनाव नहीं जीते जा सकते। राजनीतिक दलों को लोगों के भरोसे और समर्थन की जरूरत होती है और उन्हें विकास पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर के दौरान जिन मतदाताओं के नाम हटा दिए गए थे, वे नए सिरे से पंजीकरण के लिए ‘फॉर्म 6’ का इस्तेमाल कर सकते हैं। गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आधिकारिक पोर्टल पर इस प्रपत्र को मतदाताओं के नए पंजीकरण के लिए आवेदन के तौर पर जारी किया गया है।
भाषा प्रचेता नरेश
नरेश

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