इंजीनियर रशीद ने अंतरिम जमानत आदेश में संशोधन के लिए याचिका दायर की

इंजीनियर रशीद ने अंतरिम जमानत आदेश में संशोधन के लिए याचिका दायर की

इंजीनियर रशीद ने अंतरिम जमानत आदेश में संशोधन के लिए याचिका दायर की
Modified Date: May 4, 2026 / 04:46 pm IST
Published Date: May 4, 2026 4:46 pm IST

नयी दिल्ली, चार मई (भाषा) बारामूला से सांसद शेख अब्दुल रशीद उर्फ ​​इंजीनियर रशीद ने दिल्ली उच्च न्यायालय से आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में उन्हें दी गई एक सप्ताह की अंतरिम जमानत के पूर्व आदेश में संशोधन करने और उन्हें अपने बीमार पिता के साथ रहने की अनुमति देने का सोमवार को आग्रह किया। उनके पिता को श्रीनगर से दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में स्थानांतरित किया गया है।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति मधु जैन की पीठ ने मामले की सुनवाई मंगलवार को सूचीबद्ध की और उनसे एक स्थानीय पता बताने को कहा। पीठ ने रशीद को उनकी अंतरिम जमानत की अवधि के लिए श्रीनगर में ही रहने का आदेश दिया था।

रशीद के वरिष्ठ वकील ने बताया कि दिल्ली में उनका एक फ्लैट है, जो उन्हें सांसद होने के नाते आवंटित किया गया है। हालांकि, अदालत ने कहा कि वह रशीद को ऐसे स्थान पर रहने की अनुमति नहीं देगी जहां अन्य सांसद भी रहते हों।

पीठ ने कहा, ‘‘यह ठीक नहीं है। आप सांसद के आवास में नहीं रह सकते जहां अन्य सांसद भी रहते हैं। हम इसकी अनुमति नहीं दे सकते। यह सुरक्षा का मुद्दा होगा।’’

वरिष्ठ वकील ने कहा कि वह अदालत को एक निजी आवास का पता उपलब्ध कराएंगे।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के वकील ने दलील दी कि चूंकि अदालत ने इस मामले में प्रभावी रूप से ‘कस्टडी पैरोल’ की अनुमति दी है और रशीद को अब दिल्ली से बाहर रहने की आवश्यकता नहीं है, इसलिए उन्हें जेल से ही अपने पिता से मिलने की अनुमति दी जानी चाहिए, विशेषकर तब जब उनकी अंतरिम जमानत छह मई को समाप्त हो रही है।

‘कस्टडी पैरोल’ के तहत कैदी को सशस्त्र पुलिस कर्मियों द्वारा उसके मुलाकात के स्थान तक ले जाया जाता है।

रशीद के वकील ने कहा कि अंतरिम जमानत के तहत उन्हें 30 अप्रैल को रिहा कर दिया गया और वह उसी दिन श्रीनगर पहुंच गए। वरिष्ठ वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल श्रीनगर में हैं और उनको यहां आने की अनुमति नहीं है।

अदालत ने 28 अप्रैल को रशीद को इस शर्त पर अंतरिम जमानत दी थी कि वह या तो उस अस्पताल में जा सकते हैं जहां उनके पिता का उपचार हो रहा है या घर पर ही रह सकते हैं।

रशीद को जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों और आतंकी समूहों को कथित तौर पर वित्तीय सहायता देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 2017 के आतंकी वित्तीय सहायता मामले में एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से वह 2019 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में थे।

भाषा आशीष नरेश

नरेश


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