सुनिश्चित करें कि हाथी के हमले में किसी भी व्यक्ति जान न जाए: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

सुनिश्चित करें कि हाथी के हमले में किसी भी व्यक्ति जान न जाए: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

सुनिश्चित करें कि हाथी के हमले में किसी भी व्यक्ति जान न जाए: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
Modified Date: February 15, 2026 / 11:14 am IST
Published Date: February 15, 2026 11:14 am IST

रांची, 15 फरवरी (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में मानव-हाथी संघर्ष के कारण बढ़ते मौत के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को ऐसी प्रणाली विकसित करने का निर्देश दिया है, जिससे कि हाथियों के हमलों में किसी भी व्यक्ति की जान न जाए।

मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में राज्य के कई जिलों में हाथियों के हमले में लगभग 27 लोगों की मौत हुई है, जो ‘‘गंभीर चिंता का विषय’’ है।

हजारीबाग जिले के एक गांव में जंगली हाथियों के झुंड के हमले में एक ही परिवार के चार सदस्यों सहित सात लोगों के मारे जाने के एक दिन बाद सोरेन ने शनिवार को वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की।

उन्होंने अधिकारियों को राज्य के सभी हाथी गलियारों का मानचित्रण करने का निर्देश दिया तथा प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण देने को कहा।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित लोगों को हाथी बचाव दल में भी शामिल किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति की हाथी के हमले में मृत्यु हो जाती है तो मृतक के परिवार को घटना के 12 दिनों के भीतर पूरी मुआवजा राशि मिल जानी चाहिए।

सोरेन ने अधिकारियों को पिछले पांच वर्षों में मानव-हाथी संघर्ष में हुई मौत और वितरित मुआवजे की पूरी जानकारी राज्य सरकार को सौंपने का निर्देश दिया।

वन अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे हाथियों के बचाव के लिए त्वरित और जिम्मेवार तंत्र पर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जंगली हाथियों को भगाने या पकड़ने के लिए छह ‘कुमकी’ (प्रशिक्षित) हाथी झारखंड लाए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने हजारीबाग की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि पांच हाथियों का यह झुंड बेहद आक्रामक है।

एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में वित्त वर्ष 2019-20 से अब तक मानव-हाथी संघर्ष में 474 लोगों की जान जा चुकी है।

भाषा प्रचेता सुरभि

सुरभि


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