पूर्व सांसद आत्महत्या मामला: प्राथमिकी रद्द करने के फैसले के खिलाफ याचिका खारिज

पूर्व सांसद आत्महत्या मामला: प्राथमिकी रद्द करने के फैसले के खिलाफ याचिका खारिज

पूर्व सांसद आत्महत्या मामला: प्राथमिकी रद्द करने के फैसले के खिलाफ याचिका खारिज
Modified Date: August 18, 2025 / 11:27 am IST
Published Date: August 18, 2025 11:27 am IST

नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने पूर्व लोकसभा सदस्य मोहन डेलकर को 2021 में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में नौ लोगों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने संबंधी मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली उनके बेटे की याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया।

मुंबई उच्च न्यायालय ने आठ सितंबर, 2022 को दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक प्रफुल खोड़ा पटेल सहित नौ लोगों के खिलाफ मामला रद्द कर दिया था।

दादरा और नगर हवेली से सात बार सांसद रहे डेलकर की मृत्यु के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वह 2021 में मुंबई के एक होटल में मृत पाए गए थे।

उनके कथित सुसाइड नोट में उत्पीड़न और धमकी का विस्तार से विवरण था, जिसके बाद शीर्ष नौकरशाहों और राजनीतिक हस्तियों सहित कई लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई थी।

प्रधान न्यायाधीश बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने दिवंगत सांसद के बेटे अभिनव डेलकर की याचिका पर चार अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा।

भाषा सुरभि गोला

गोला


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