तृणमूल कार्यालय में हाथापाई के सिलसिले में पूर्व विधायक हुमायूं कबीर को समन जारी

तृणमूल कार्यालय में हाथापाई के सिलसिले में पूर्व विधायक हुमायूं कबीर को समन जारी

तृणमूल कार्यालय में हाथापाई के सिलसिले में पूर्व विधायक हुमायूं कबीर को समन जारी
Modified Date: September 6, 2026 / 07:04 pm IST
Published Date: September 6, 2026 7:04 pm IST

कोलकाता, छह सितंबर (भाषा) कोलकाता पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के दफ्तर वाले एक भवन से पार्टी की ‘अवैध’ होर्डिंग को हटाने को लेकर हुई कथित हाथापाई के मामले में रविवार को पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं पार्टी के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर को नोटिस जारी किया एवं जांच अधिकारियों के सामने पेश होने को कहा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि पूर्व विधायक को बुधवार पूर्वाह्न शेक्सपियर सरणी थाने में पेश होने को कहा गया है।

प्रशासन ने 27 अगस्त को मध्य कोलकाता की कैमक स्ट्रीट पर एक इमारत के ऊपर से तृणमूल का एक ‘‘गैर-कानूनी’’ होर्डिंग हटाया था। इस दौरान बनर्जी के कार्यालय के निजी गार्ड, उनके समर्थकों और पार्टी के कुछ नेताओं की पुलिस एवं कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के अधिकारियों के साथ हाथापाई हुई।

इस घटना के सिलसिले में शेक्सपियर सरणी थाने में तीन प्राथमिकी दर्ज की गयीं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बनर्जी को दो प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया है, जबकि राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन, कबीर एवं पूर्व पार्षद बैश्वनर चटर्जी दो मामलों में अन्य लोगों के साथ नामजद हैं।

पुलिस पहले ही 27 अगस्त की इस घटना के सिलसिले में बनर्जी, उनके सहयोगी सुमित राय और ओ’ब्रायन एवं चटर्जी से पूछताछ कर चुकी है।

अधिकारी ने बताया कि रविवार को शेक्सपियर सरणी थाने का एक दल नोटिस देने के लिए दक्षिणी कोलकाता के कस्बा इलाके में कबीर के घर गया और कबीर ने नोटिस स्वीकार किया।

सूत्रों के मुताबिक, कबीर ने पुलिस दल को बताया कि वह सोमवार को पुलिस के सामने पेश होना चाहते हैं और दोपहर 1:30 बजे पुलिस स्टेशन पहुंच सकते हैं।

पुलिस इससे पहले भी इस मामले में नोटिस देने के लिए दो बार कबीर के घर गई थी। उस समय पूर्व विधायक वहां मौजूद नहीं थे।

कबीर ने 27 अगस्त की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा, ‘‘वे (नगर निगम के अधिकारी और पुलिस) दफ़्तर तोड़ने आए थे। लेकिन नियमों का पालन नहीं किया गया। कोई सही नोटिस नहीं दिया गया था। वह बिना मेमो नंबर वाला एक कागज़ का टुकड़ा था। अब हमारे खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ठीक है, लेकिन पूरी प्रक्रिया ही गैर-क़ानूनी तरीके से शुरू हुई थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं लंबे समय तक पुलिस अधिकारी रहा हूं, इसलिए मुझे ऐसे मामलों से जुड़े क़ानून की जानकारी है। मैं वहां हो रही गतिविधियों का वीडियो बना रहा था। हमारे कर्मचारियों को सख्त हिदायत थी कि वे पुलिस के साथ कोई हरकत न करें।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इमारत के निजी सुरक्षा गार्ड गैर-कानूनी घुसपैठ को रोकने के लिए सबसे आगे थे और हम पीछे की तरफ थे। पार्टी की तरफ से किसी ने भी पुलिस के साथ बदसलूकी नहीं की। बल्कि, पुलिस ने ही हमारे कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की।’

नगर निगम ने दावा किया था कि बनर्जी के दफ़्तर के बाहर होर्डिंग गैर-कानूनी तरीके से लगाया गया था और बनर्जी एवं उनके समर्थकों के मौके पर पहुंचने के बाद अधिकारियों को अपना काम करने से रोका गया था।

तीनों प्राथमिकी में दर्ज आरोपों में सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालना, गैर-कानूनी रूप से एकत्र होना और महिला कर्मियों से मारपीट करने के साथ उनका उत्पीड़न शामिल है।

राय को फिर सोमवार को पुलिस के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है, जबकि ओब्रायन को मंगलवार को हाजिर होने का समन दिया गया है।

ओ’ब्रायन ने पहले आरोप लगाया था कि पुलिस एक ‘गैर-कानूनी’ नोटिस लेकर दफ़्तर में घुस गई, वरिष्ठ नेताओं के साथ मारपीट की और पार्टी समर्थकों एवं दफ़्तर के कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की।

इस घटना के संबंध में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

भाषा राजकुमार सुरेश

सुरेश


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