विशेषज्ञों ने जनस्वास्थ्य के लिए निवारक स्वास्थ्य देखभाल और जनजागरूकता को बताया अहम
विशेषज्ञों ने जनस्वास्थ्य के लिए निवारक स्वास्थ्य देखभाल और जनजागरूकता को बताया अहम
जयपुर, एक जुलाई (भाषा) डॉक्टर केवल मरीजों का उपचार करने वाले नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के मार्गदर्शक भी होते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों ने बुधवार को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर यहां राजस्थान अस्पताल में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही।
कार्यक्रम में कई चिकित्सकों ने निवारक स्वास्थ्य देखभाल और जनजागरूकता के महत्व पर जोर दिया। अस्पताल के अध्यक्ष डॉ. एस. एस. अग्रवाल ने कहा कि डॉक्टरों की भूमिका केवल बीमारियों के इलाज तक सीमित नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘डॉक्टर केवल बीमारियों का उपचार ही नहीं करते, बल्कि उम्मीद, विश्वास और मानवता की भी रक्षा करते हैं। समाज का स्वस्थ भविष्य डॉक्टरों की निष्ठा, सेवा और करुणा पर निर्भर करता है।’’
अस्पताल के अध्यक्ष डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि आज के दौर में डॉक्टर केवल देखभाल करने वाले नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के मार्गदर्शक भी हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘आधुनिक चिकित्सा का ध्यान केवल उपचार पर ही नहीं, बल्कि बीमारी की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने पर भी होना चाहिए।’’
कार्यक्रम के दौरान हर्पीज जोस्टर और हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी रोगों के बीच संबंध पर एक परिचर्चा भी आयोजित की गई।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. दिनेश माथुर ने कहा कि हालिया शोध से पता चला है कि यह संक्रमण केवल तंत्रिकाओं को ही नहीं, बल्कि रक्त वाहिकाओं सहित पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है, जिससे हृदय संबंधी जोखिम बढ़ने की आशंका रहती है।
मुख्य वक्ताओं में डॉ. रवीन्द्र सिंह राव ने कहा कि विभिन्न अध्ययनों से संकेत मिले हैं कि हर्पीज जोस्टर संक्रमण के बाद दिल का दौरा और मस्तिष्काघात का खतरा बढ़ सकता है।
डॉ. कैलाश चंद्र और डॉ. ए. डी. माथुर ने भी इस विषय पर अपने विशिष्ट विचार साझा किए।
इस अवसर पर डॉ. वीणा आचार्य द्वारा तैयार जनस्वास्थ्य पोस्टर ‘स्वस्थ महिला, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ राष्ट्र’ का भी विमोचन किया गया।
भाषा अमित सुरेश
सुरेश

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