नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) राष्ट्रपति ने सिख विवाह समारोह ‘आनंद कारज’ के पंजीकरण के लिए सिक्किम में आनंद विवाह अधिनियम, 1909 को कुछ संशोधनों के साथ विस्तारित किया है। बुधवार को जारी एक सरकारी अधिसूचना से यह जानकारी मिली।
पिछले साल सितंबर में उच्चतम न्यायालय ने कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ‘आनंद कारज’ के पंजीकरण के नियमों को चार महीने के भीतर अधिसूचित करने का निर्देश दिया था।
बुधवार को अधिसूचित राष्ट्रपति के आदेश में कहा गया है, ‘‘संविधान के अनुच्छेद 371एफ के खंड (एन) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति आनंद विवाह अधिनियम, 1909 (1909 का 7) को सिक्किम राज्य में विस्तारित करती हैं।’’
अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य में अधिनियम के प्रावधान केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित तिथियों से लागू होंगे।
अधिसूचना के अनुसार, ‘‘ अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के लिए तथा सिक्किम के विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग तिथियां निर्धारित की जा सकती हैं। साथ ही, ऐसे किसी भी प्रावधान में उक्त अधिनियम के प्रारंभ का जो भी उल्लेख होगा, उसे उस क्षेत्र में उस प्रावधान के प्रवर्तन (लागू होने) की तिथि के संदर्भ में माना जाएगा, जहां वह लागू किया गया है।’’
भाषा सुरभि शोभना
शोभना