चंपावत सामूहिक दुष्कर्म मामले में अब तक गिरफ्तारी न होने से पुलिस की विफलता उजागर हुई: कांग्रेस

चंपावत सामूहिक दुष्कर्म मामले में अब तक गिरफ्तारी न होने से पुलिस की विफलता उजागर हुई: कांग्रेस

चंपावत सामूहिक दुष्कर्म मामले में अब तक गिरफ्तारी न होने से पुलिस की विफलता उजागर हुई: कांग्रेस
Modified Date: May 7, 2026 / 04:24 pm IST
Published Date: May 7, 2026 4:24 pm IST

देहरादून, सात मई (भाषा) उत्तराखंड के चंपावत में एक नाबालिग लड़की से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले मे अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं होने को पुलिस की विफलता बताते हुए विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वह अपनी डयूटी निभाने की बजाय मामले में बीच-बचाव करने में लगी है।

हालांकि, कुमाऊं रेंज की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि महिला और बाल अपराधों के प्रति राज्य पुलिस सजग और अति संवेदनशील है तथा इस मामले में भी सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की गई।

चंपावत के सल्ली गांव में 16 वर्षीय लड़की से कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है।

बताया जा रहा है कि एक विवाह समारोह में शामिल होने गई लड़की के वापस नहीं आने पर पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद खोजबीन के दौरान बुधवार तड़के वह एक सूनसान घर में निर्वस्त्र अवस्था में रस्सी से बंधी हुई मिली।

पुलिस ने बताया कि पिता की तहरीर पर पुलिस ने तीन आरोपियों पूरन सिंह रावत, नवीन रावत तथा विनोद रावत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और यौन अपराधों से बच्चों को संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। चंपावत के थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

बताया जा रहा है कि आरोपियों में शामिल पूरन सिंह रावत भाजपा का मंडल उपाध्यक्ष रह चुका है।

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि मामले में भाजपा के एक नेता का नाम आने के कारण पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने में देरी की और उन सबकी ‘मांग व दवाब’ के बाद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

गोदियाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत के दौरान कहा, “हम सब की मांग और दवाब के बाद प्राथमिकी दर्ज हुई है। इतने संगीन आरोपों के बावजूद अभी तक आरोपियों की गिरफतारी नहीं हो पाना पुलिस की विफलता है।”

उन्होंने दावा किया कि मामले में बुधवार रात से जो घटनाक्रम हुआ है, उससे साफ संकेत मिल रहा है कि पुलिस अपनी डयूटी निभाने के बजाय बीच-बचाव के काम में लगी है।

उन्होंने कहा, “इस बात पर भी कोई आश्चर्य नहीं होगा कि शाम तक पुलिस इस मामले में संवादददता सम्मेलन बुलाकर मामले को गलतफहमी बता दे।”

आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि समाज में कानून का राज और अपराधियों में डर होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब सत्ता में बड़े पदों पर बैठे लोग आरोपी को अपने और पराए की नजर से देखकर भेद करते हैं तो समाज में गलत प्रवृत्तियां पैदा होती हैं ।

इस बारे में संपर्क किए जाने पर भाजपा ने कहा कि जो भी दोषी होगा, उसे कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता सुरेश जोशी ने कहा, “हमारी मांग है कि चाहे कोई भी व्यक्ति हो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। जब पीड़िता के मां-बाप कह रहे हैं तो पुलिस को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। आरोपी को गिरफतार किया जाना चाहिए।”

कुमाऊं रेंज की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि राज्य पुलिस महिला एवं बाल अपराधों के प्रति सजग और अति संवेदनशील है।

उन्होंने कहा कि बुधवार तड़के तीन बजे नाबालिग लड़की की गुमशुदगी की सूचना मिलने के एक-डेढ़ घंटे के अंदर पुलिस की टीम ने उसे बरामद कर लिया था।

अग्रवाल ने कहा कि लड़की ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोप लगाए गए, जिसके बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाकर उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और परिजन की तहरीर पर नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता के बयान भी दर्ज कराए गए तथा बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) से उसकी काउंसलिंग भी कराई गई।

उन्होंने कहा कि चंपावत की पुलिस अधीक्षक रेखा यादव मामले की जांच कर रही हैं। भाषा दीप्ति जोहेब

जोहेब


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