बिहार के हित में फरक्का संधि का नवीनीकरण नहीं होना चाहिए : जदयू नेता संजय झा

बिहार के हित में फरक्का संधि का नवीनीकरण नहीं होना चाहिए : जदयू नेता संजय झा

बिहार के हित में फरक्का संधि का नवीनीकरण नहीं होना चाहिए : जदयू नेता संजय झा
Modified Date: August 21, 2026 / 11:15 pm IST
Published Date: August 21, 2026 11:15 pm IST

नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने शुक्रवार को कहा कि बांग्लादेश के साथ फरक्का संधि का नवीनीकरण नहीं किया जाना चाहिए, जिसकी 30 साल की अवधि दिसंबर में खत्म होगी।

झा ने आरोप लगाया कि पिछले 30 सालों में इस संधि ने बिहार के साथ ‘‘बहुत अन्याय’’ किया है।

‘पीटीआई वीडियो’ सेवा को दिए एक साक्षात्कार में झा ने कहा कि 1996 में हुई इस संधि का बिहार पर बुरा असर पड़ा है, इससे गंगा नदी के ऊपरी हिस्से में गाद जमा हुई और कम पानी वाले मौसम में फरक्का पर 1,500 क्यूसेक पानी सुनिश्चित करने की जरूरत पड़ी, जबकि बिहार के बक्सर में सिर्फ 400 क्यूसेक पानी ही आता है।

झा ने कहा, ‘‘संधि का नवीनीकरण नहीं किया जाना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि भविष्य की किसी भी व्यवस्था में उद्योग, सिंचाई, खेती और पीने के पानी के लिए बिहार की जरूरतों के साथ-साथ 2050 में राज्य की अनुमानित आबादी का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

जदयू नेता ने आरोप लगाया कि संधि पर हस्ताक्षर करते समय बिहार के हितों की ‘‘बलि’’ दी गई। उन्होंने तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व की इस मुद्दे पर पर्याप्त आपत्ति नहीं जताए जाने का लेकर आलोचना की।

झा ने कहा, ‘‘मैं इस पर कोई राजनीति नहीं कर रहा हूं, लेकिन अगर आप उस समय के पुराने रिकॉर्ड देखें, तो कुछ लोग यह मुद्दा उठा रहे थे कि बांग्लादेश के साथ गंगा जल संधि बिहार के लिए बहुत नुकसानदेह होगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 30 सालों के आंकड़े देखें – क्या खोया और क्या पाया – और आप देखेंगे कि बिहार के साथ कितना बड़ा अन्याय हुआ है।’’

भाषा शफीक सुरेश

सुरेश


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