एसएफआई देशभर में ‘स्कूल बचाओ आंदोलन’ तेज करेगी, बंद सरकारी विद्यालयों को फिर खोलने की मांग

एसएफआई देशभर में ‘स्कूल बचाओ आंदोलन’ तेज करेगी, बंद सरकारी विद्यालयों को फिर खोलने की मांग

एसएफआई देशभर में ‘स्कूल बचाओ आंदोलन’ तेज करेगी, बंद सरकारी विद्यालयों को फिर खोलने की मांग
Modified Date: August 21, 2026 / 10:29 pm IST
Published Date: August 21, 2026 10:29 pm IST

नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) ने शुक्रवार को कहा कि संगठन अगले तीन महीनों के दौरान देशभर में अपने ‘स्कूल बचाओ आंदोलन’ को तेज करेगा।

संगठन ने सरकारी विद्यालयों की बिगड़ती स्थिति का मुद्दा उठाते हुए स्कूल शिक्षा में सरकार के अधिक निवेश की मांग की।

एसएफआई ने दिल्ली के एचकेएस सुरजीत भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की।

सम्मेलन में संगठन के राष्ट्रीय और राज्य स्तर के पदाधिकारियों ने देशभर में अभियान, प्रदर्शन और जन सम्मेलनों की योजना की जानकारी दी।

एसएफआई ने कहा कि संगठन का अभियान अगस्त, सितंबर और अक्टूबर तक जारी रहेगा तथा इस दौरान संगठन के कार्यकर्ता स्कूलों का दौरा कर उनकी स्थिति का जायजा लेंगे व उसका दस्तावेजीकरण करेंगे।

एसएफआई ने दावा किया कि पिछले एक दशक में 94,000 सरकारी स्कूल बंद हुए हैं, जबकि निजी विद्यालयों की संख्या में 40,000 का इजाफा हुआ है।

संगठन के अनुसार, इस अवधि में सरकारी विद्यालयों में 85.86 लाख छात्रों की संख्या कम हुई, जबकि निजी स्कूलों में 88.27 लाख छात्रों की संख्या बढ़ी। एसएफआई के अनुसार, देश में 1,00,843 स्कूल ऐसे हैं, जहां केवल एक शिक्षक है और इनमें करीब 29 लाख छात्र पढ़ते हैं।

संगठन ने कहा कि देशभर के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है।

संगठन ने सरकार से शिक्षा पर सार्वजनिक खर्च बढ़ाकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का छह प्रतिशत करने और सालाना बजट का 10 प्रतिशत शिक्षा के लिए आवंटित करने की मांग की।

एसएफआई ने स्कूल शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की भी मांग की। एसएफआई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को वापस लेने की भी मांग की।

संगठन का आरोप है कि यह नीति सरकारी स्कूलों को बंद करने और उनका विलय करने को बढ़ावा देती है।

भाषा जितेंद्र दिलीप

दिलीप


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