पाकिस्तान की हताशा पर टिप्पणी करने की जरूरत नहीं : विदेश मंत्रालय

पाकिस्तान की हताशा पर टिप्पणी करने की जरूरत नहीं : विदेश मंत्रालय

पाकिस्तान की हताशा पर टिप्पणी करने की जरूरत नहीं : विदेश मंत्रालय
Modified Date: August 21, 2026 / 10:46 pm IST
Published Date: August 21, 2026 10:46 pm IST

नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की जम्मू-कश्मीर पर टिप्पणी को लेकर इस्लामाबाद में शीर्ष अमेरिकी राजनयिक को तलब किए जाने के संबंध में विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान की हताशा पर टिप्पणी करने का कोई कारण नजर नहीं आता।

गोर ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘मुझे पाकिस्तान की हताशा पर टिप्पणी करने का कोई कारण नहीं दिखता।’’

गोर ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के दौरे के दौरान कहा था कि यह केंद्र शासित प्रदेश भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उनकी टिप्पणी के कुछ घंटों बाद, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी को तलब किया और गोर की टिप्पणी पर ‘‘कड़ी आपत्ति’’ जताई। गोर ट्रंप प्रशासन में दक्षिण और मध्य एशिया के लिए विशेष दूत भी हैं।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को ‘भारत का हिस्सा’ बताए जाने की कड़ी निंदा की और इसे स्पष्ट रूप से खारिज किया।’’

जायसवाल ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं और हमेशा रहेंगे।

जायसवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर कुछ अनधिकृत ढांचों को हटाने के भारत के जवाबी कदम पर पूछे गए एक सवाल का भी जवाब दिया।

भारत का यह कदम पाकिस्तान द्वारा इस सप्ताह इस्लामाबाद में भारतीय मिशन के बाहर पार्किंग पोल हटाए जाने के बाद उठाया गया।

जायसवाल ने कहा, ‘‘हमारे अनुरोध के बावजूद वहां (इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर) कुछ ढांचे हटा दिए गए थे। ऐसा होने के बाद, हमने एक आनुपातिक कार्रवाई की – हमने यहां (दिल्ली में) पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर की लेन में स्थित कुछ अस्थायी ढांचे हटा दिए।’’

भाषा शफीक सुरेश

सुरेश


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