फातिमा इसा की मां की याचिका खारिज, उच्च न्यायालय ने एकल न्यायाधीश का रुख करने को कहा

फातिमा इसा की मां की याचिका खारिज, उच्च न्यायालय ने एकल न्यायाधीश का रुख करने को कहा

फातिमा इसा की मां की याचिका खारिज, उच्च न्यायालय ने एकल न्यायाधीश का रुख करने को कहा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:08 pm IST
Published Date: July 13, 2021 1:46 pm IST

कोच्चि, 13 जुलाई (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने अफगानिस्तान की जेल में बंद निमिशा उर्फ फातिमा ईसा की मां की एक याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। याचिका में उन्होंने अफगानिस्तान में सुरक्षा बलों के साथ लड़ाई में फातिमा के कथित आईएस लड़ाके पति की मौत के बाद अपनी बेटी और नतिनी को वापस भारत लाए जाने को लेकर निर्देश देने का अनुरोध किया था।

न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की अध्यक्षता वाली पीठ ने फातिमा की मां बिंदु के. को एकल न्यायाधीश की पीठ का रुख करने को कहा, जिसके बाद उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली।

बिंदु ने तीन जुलाई को अपनी बेटी और नतिनी को भारत वापस लाने के लिए केरल उच्च न्यायालय का रुख किया था। निमिशा इस्लाम अपनाने के पहले हिंदू थी। उसने अपना नाम बदलकर फातिमा कर लिया और बाद में केरल के इस्लामिक स्टेट (आईएस) के सदस्य से शादी कर ली। जून 2016 में केरल से 19 अन्य लोगों के साथ दोनों के लापता होने की सूचना दी गई। फातिमा ने अफगानिस्तान में 2016 में बच्ची को जन्म दिया।

फातिमा के अलावा भारतीय मूल के तीन अन्य आईएस लड़ाकों की विधवाएं भी काबुल जेल में बंद हैं। जब उनके पति वहां की सेना के साथ लड़ाई में मारे गए थे तब उसने और तीन अन्य महिलाओं ने 2019 में अफगानिस्तान सरकार के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।

भाषा आशीष माधव

माधव


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