बंगाल में राजनीतिक हिंसा के कारण भय, निराशा का माहौल
बंगाल में राजनीतिक हिंसा के कारण भय, निराशा का माहौल
कोलकाता, सात मई (भाषा) पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव अप्रत्याशित रूप से शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बाद, राज्य में एक बार फिर राजनीतिक हिंसा के कारण बृहस्पतिवार को भय और निराशा का माहौल बन गया।
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ (42) की हत्या की जांच में शुरुआती सुरागों से पता चला है कि बुधवार रात एक सुनियोजित हमले में इस घटना को अंजाम दिया गया।
जांचकर्ताओं को भाड़े के हत्यारों की संलिप्तता का संदेह है और पुलिस ने फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ियां बरामद की हैं। वहीं, इस घटना ने बंगाल में चुनाव बाद के राजनीतिक माहौल को तनावपूर्ण कर दिया है तथा भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच जुबानी जंग नये सिरे छिड़ गई है।
रथ की मां ने आरोप लगाया कि यह हत्या भवानीपुर में अधिकारी के खिलाफ ममता बनर्जी की हार से जुड़ी हुई है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर उनकी मृत्यु किसी दुर्घटना में हुई होती तो मुझे इतना दुख नहीं होता। उन्हें इसलिए निशाना बनाया गया कि वे अधिकारी के लिए काम करते थे।’’
रथ के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक निवास स्थान पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर ले जाए जाने से पहले, अधिकारी ने कहा कि भारतीय वायुसेना के पूर्व कर्मी की हत्या उनके (शुभेंदु के) साथ उनके जुड़ाव’’ और भवानीपुर में उनकी जीत के कारण हुई, जहां उन्होंने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को हराया है।
अधिकारी ने बारासात स्टेट जनरल हॉस्पिटल में संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर वायुसेना के यह पूर्व कर्मी मेरे पीए (निजी सहायक) न होते और मैं भवानीपुर से नहीं विजयी नहीं हुआ होता, तो शायद उनकी जान न जाती। उनकी एकमात्र गलती यह थी कि वह शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक थे। उनकी जान लेने के लिए उन पर पांच गोलियां चलाई गईं।’’
भाजपा नेताओं ने कहा कि परिवार रिश्तेदारों के साथ परामर्श करने के बाद अंतिम संस्कार के बारे में फैसला लेगा।
पुलिस ने बताया कि कई टीमें कोलकाता पुलिस और बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्रों से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही हैं ताकि उन लोगों का पता लगाया जा सके जिन्होंने बुधवार रात को मध्यग्राम के पास रथ के वाहन को रोका और करीब से गोलीबारी करने के बाद मोटरसाइकिल से फरार हो गए।
बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के तुरंत बाद हुई इस हत्या ने राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया है। इस घटना ने राज्य के चुनावी माहौल को भय, प्रतिशोध के विमर्श और जवाबी हिंसा के आरोपों से लैस कर राजनीतिक टकराव में तब्दील कर दिया है।
भाजपा ने तृणमूल पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि यह हत्या बंगाल में कानून व्यवस्था के ‘‘पूरी तरह से ध्वस्त होने’’ को प्रदर्शित करती है।
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने रथ की हत्या को ‘‘सुनियोजित राजनीतिक हत्या’’ करार दिया और दावा किया कि इसका मकसद राज्य में अस्थिरता पैदा करना है।
उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव जीतने वाले हम ही हैं, लेकिन मरने वाले भी हम ही हैं।’’
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस घटना को बंगाल की ‘‘खून से सनी राजनीतिक संस्कृति’’ का प्रतिबिंब बताया।
तृणमूल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हत्या में पार्टी की कोई भूमिका नहीं है और भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने जांच पूरी होने से पहले ही घटना का राजनीतिकरण कर दिया।
कांग्रेस और माकपा के नेताओं ने भी इस हत्या की निंदा की और निष्पक्ष जांच की मांग की।
जांचकर्ताओं ने बताया कि रथ बुधवार रात करीब 10:30 बजे कोलकाता से अपने मध्यग्राम स्थित आवास लौट रहे थे, डोलतला और मध्यग्राम चौमाथा के बीच दोहरिया के पास उनकी गाड़ी को रोक लिया गया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, पहले एक कार ने रथ की एसयूवी की रफ्तार धीमी कराई, जिसके बाद मोटरसाइकिल सवार हमलावरों में से एक ने उनके वाहन के पास आकर करीब से कई गोलियां चलाईं।
पुलिस ने बाद में लावारिस हालत में मिली इस कार को जब्त कर लिया और पाया कि उसकी नंबर प्लेट फर्जी थी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘चेसिस नंबर और इंजन नंबर मिटा दिए गए थे। इससे संकेत मिलता है कि हत्या की साजिश रची गई थी।’’
जांचकर्ताओं ने घटनास्थल से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक चाय दुकान के पास, हमले में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल में से एक को बरामद किया। पुलिस ने पाया कि मोटरसाइकिल का पंजीकरण नंबर भी फर्जी था और उसका चेसिस नंबर मिटा दिया गया था।
वारदात में इस्तेमाल की गई दूसरी मोटरसाइकिल का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने घटनास्थल से कारतूस और खोखे बरामद किए हैं, जबकि फोरेंसिक विशेषज्ञों ने संकेत दिया है कि हमले में अत्याधुनिक ग्लॉक पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया होगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘इस तरह के हथियार का इस्तेमाल आम तौर पर साधारण अपराधी नहीं करते हैं। हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इसमें भाड़े के हत्यारों का हाथ था।’’
रथ के ड्राइवर बुद्धदेव बेरा को भी गोली लगी और कोलकाता के एक अस्पताल में सर्जरी के बाद उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। भाजपा समर्थकों द्वारा दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम किये जाने के बाद पुलिस ने मध्यग्राम, दोहरिया और आसपास के इलाकों में तैनाती बढ़ा दी है।
जांचकर्ताओं द्वारा सुराग तलाशने के दौरान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्ध नाथ गुप्ता और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया। पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में, हमले से कुछ समय पहले संदिग्ध कार मध्यग्राम की ओर जाती हुई दिख रही है।
पुलिस ने सिलीगुड़ी के एक चाय बागान कर्मचारी से भी पूछताछ की, क्योंकि उन्हें पता चला कि लावारिस कार का पंजीकरण नंबर उसी के वाहन का था।
जांचकर्ताओं ने बताया कि कर्मचारी ने दावा किया कि उसने कार को बेचने के लिए उसकी तस्वीरें एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपलोड की थीं।
इस हत्या ने शुभेंदु अधिकारी और तृणमूल नेतृत्व के बीच व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता को और भी गहरा कर दिया। साथ ही, इस आशंका को भी बढ़ा दिया कि बंगाल में चुनाव बाद की हिंसा का दौर और भी खतरनाक चरण में प्रवेश कर सकता है।
भाषा सुभाष माधव
माधव

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