पूर्वोत्तर की तीन महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वाले दंपति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पूर्वोत्तर की तीन महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वाले दंपति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पूर्वोत्तर की तीन महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वाले दंपति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
Modified Date: February 22, 2026 / 09:38 pm IST
Published Date: February 22, 2026 9:38 pm IST

नयी दिल्ली, 22 फरवरी (भाषा) दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में एक दंपति ने किराये के मकान में एयर कंडीशनर लगवाने के दौरान हुए विवाद को लेकर अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं को ‘धंधेवाली’ कहा। साथ ही आरोपियों ने इन महिलाओं के खिलाफ कथित तौर पर नस्ली टिप्पणियां कीं, उन्हें अपमानित किया तथा धमकाया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि आरोपी दंपति-हर्ष सिंह और रूबी जैन-के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और धर्म, जाति आदि के आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देने से जुड़ी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस के मुताबिक, यह घटना 20 फरवरी को अपराह्न लगभग 3:30 बजे उस समय हुई, जब महिलाओं ने चौथी मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट में एयर कंडीशनर लगवाने के लिए इलेक्ट्रिशियन को बुलाया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एयर कंडीशनर लगाने के लिए ड्रिलिंग की प्रक्रिया के दौरान धूल और सीमेंट के छोटे-छोटे टुकड़े नीचे की मंजिल पर गिर गए, जिस पर वहां रहने वाले हर्ष और उसकी पत्नी रूबी ने आपत्ति जताई।

अधिकारी के मुताबिक, महिलाओं ने आरोप लगाया कि धूल और सीमेंट के टुकड़े गिरने को लेकर शुरू हुई बहस देखते ही देखते झगड़े में बदल गई और दंपति ने उन्हें एवं पूर्वोत्तर समुदाय को निशाना बनाते हुए अपशब्द कहे तथा नस्ली टिप्पणियां कीं।

सोशल मीडिया मंचों पर घटना से जुड़ा कथित वीडियो बड़े पैमाने पर साझा किया जा रहा है। वीडियो में आरोपी महिला को पीड़ित महिलाओं को कथित तौर पर “मोमो” और “500 रुपये में मसाज पार्लर में काम करने वाली धंधेवाली” कहते हुए सुना जा सकता है।

इसमें आरोपी महिला को पीड़ित महिलाओं से कथित तौर पर यह कहते हुए भी देखा जा सकता है, “क्या तुम यहां धंधा करने आई हो। क्या तुमने घर पर मसाज पार्लर खोल लिया है?”

झगड़े के समय एक पुलिसकर्मी घटनास्थल पर मौजूद था। वीडियो में उसे भी मामले में हस्तक्षेप करते हुए और स्थिति को शांत करने का प्रयास करते हुए देखा जा सकता है। इसमें आरोपी हर्ष भी पीड़ित महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए नजर आ रहा है।

वीडियो में आरोपी महिला को पीड़ित महिलाओं से यह भी कहते हुए देखा जा सकता है कि वे जिस आदमी से बात कर रही हैं, वह एक “बड़े नेता” का बेटा है।

इसमें एक पीड़िता को यह कहते हुए देखा जा सकता है, “सबने सुना कि तुमने मेरे चरित्र के बारे में क्या कहा है। तुमने मुझ पर शराब पीने का झूठा आरोप लगाया है। जाओ मेरे कमरे की तलाशी लो, अगर तुम्हें वहां कोई बोतल मिल जाए तो।”

वीडियो में आरोपी महिला यह कहते हुए नजर आ रही है, “तुम उसके (हर्ष) साथ हमबिस्तर क्यों नहीं हो जाती? मेरे बेडरूम में जाओ। तुम्हें पता चल जाएगा कि उसकी उम्र कितनी है।”

वीडियो में आरोपी दंपति को पीड़ित महिलाओं के खिलाफ कथित तौर पर “गटरछाप” शब्द का इस्तेमाल करते हुए और यह कहते हुए भी देखा जा सकता है कि “जाओ और मोमो बेचो”, “पूर्वोत्तर के लोग बेकार हैं।”

इसमें आरोपी महिला को यह कहते हुए भी देखा जा सकता है, “तेरी औकात नहीं है… कस्टम अधिकारी का बेटा है वो… नेता का बेटा है वो।”

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना के सिलसिले में आरोपी दंपति के खिलाफ मालवीय नगर थाने में बीएनएस की धारा 79 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्द, हावभाव या कार्य), 351(2) (आपराधिक धमकी), 3(5) (सामान्य इरादा) और 196 (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास स्थान, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना और सद्भाव के खिलाफ हानिकारक कार्य करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

बीएनएस की धारा 196 संज्ञेय अपराध से जुड़ी एक गैर-जमानती धारा है।

हालांकि, अधिकारी ने कहा कि घटना के सिलसिले में फिलहाल किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा, “किसी भी तरह की शारीरिक चोट की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें मानसिक उत्पीड़न और अपमान का सामना करना पड़ा।”

अधिकारी के अनुसार, पीड़ित महिलाओं ने मांग की है कि आरोपी दंपति उनसे औपचारिक रूप से माफी मांगें, क्योंकि ये टिप्पणियां न केवल उनकी, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं।

सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद स्थिति और बिगड़ गई, जब एक प्रॉपर्टी डीलर ने पीड़ित महिलाओं से कथित तौर पर कहा कि इमारत में प्रस्तावित मरम्मत कार्य के चलते उन्हें दो महीने के भीतर फ्लैट खाली करना होगा।

शिकायतकर्ताओं ने अपनी सुरक्षा और भविष्य में आवास की उपलब्धता को लेकर आशंका जाहिर की है। उनका कहना है कि जिस शहर में वे रहने और काम करने आई थीं, वहां वे खुद को अलग-थलग और अपमानित महसूस कर रही हैं।

पुलिस ने कहा कि घटना के सिलसिले में जांच जारी है।

इस बीच, पीड़ित महिलाओं की वकील रीना राय ने कहा कि यह घटना राष्ट्रीय राजधानी में पूर्वोत्तर के लोगों की ओर से लगातार झेले जा रहे नस्ली भेदभाव पर प्रकाश डालती है।

सिक्किम से आने वाली राय ने कहा, “पड़ोसी होने के नाते उन्हें घर से दूर रहने वाली इन महिलाओं को सुरक्षा का एहसास दिलाना चाहिए था। इसके बजाय, उन्होंने उन्हें परेशान किया और गंदी टिप्पणियां कीं।”

उन्होंने कहा, “हम भी उतने ही भारतीय हैं, जितना कोई और। सिर्फ इसलिए कि हम पूर्वोत्तर से हैं, हमारे साथ बाहरी जैसा व्यवहार क्यों किया जाता है? हमें भी समानता और गरिमा के साथ जीने का अधिकार है।”

वहीं, दंपति के वकील गौरव ने कहा, “वे लंबे समय से साथ रह रहे हैं। घटना के बाद भी उन्होंने समझौता करने के लिए बातचीत की। सोशल मीडिया पर इस मामले को बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। वीडियो में दोनों पक्ष बोल रहे हैं। जो वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, वह भ्रामक है और उसमें चुनिंदा अंश शामिल हैं।”

गौरव ने कहा कि जब यह घटना घटी, तब उनके मुवक्किल खाना खा रहे थे।

उन्होंने कहा, “उस समय आवेश में आकर उन्होंने कुछ कह दिया। मेरे मुवक्किल को अपने शब्दों पर खेद है। मेरे मुवक्किल ने ही पीसीआर (पुलिस नियंत्रण कक्ष) को फोन किया था और पुलिस मौके पर मौजूद थी।”

गौरव ने कहा कि दूसरे पक्ष ने भी उनके मुवक्किल के खिलाफ कई आपत्तिजनक बातें कहीं, लेकिन उन्होंने कुछ भी रिकॉर्ड नहीं किया।

उन्होंने कहा, “दरअसल, शिकायत सबसे पहले हमारे मुवक्किल ने दर्ज कराई थी। मीडिया के दबाव के कारण मेरे मुवक्किल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब तक हमारी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।”

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप


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