झारखंड: आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में नेता प्रतिपक्ष मरांडी और 100 अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
झारखंड: आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में नेता प्रतिपक्ष मरांडी और 100 अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
गिरिडीह (झारखंड), 22 फरवरी (भाषा) झारखंड के गिरिडीह जिले में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और 100 अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ आगामी निकाय चुनावों के कारण लागू आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
उड़नदस्ता ने शनिवार रात को मामला दर्ज किया, जब मरांडी को शाम पांच बजे निकाय चुनाव के लिए प्रचार समाप्त होने के कुछ घंटों बाद नगर थाना क्षेत्र के एक होटल में कार्यकर्ताओं के साथ कथित तौर पर बैठक करते हुए पाया गया था।
गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘शनिवार शाम को नगर थाने में आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत दर्ज की गई थी।’’
थाने के एक अधिकारी ने बताया कि आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत के बाद मरांडी और 100 अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
अधिकारी ने बताया कि प्राथमिकी के अनुसार मरांडी चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद भी बैठक कर रहे थे।
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि झारखंड नगरपालिका चुनाव और चुनाव याचिका नियम, 2012 के नियम 127 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत, कोई भी व्यक्ति मतदान समाप्ति के लिए निर्धारित समय से 48 घंटे पहले की अवधि के लिए कोई भी बैठक आयोजित नहीं करेगा या उसमें शामिल नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि यह प्रावधान शनिवार शाम पांच बजे 48 शहरी स्थानीय निकायों में लागू हो गया।
घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई के पूर्व प्रमुख मरांडी ने संवाददाताओं से कहा कि वह रात में भोजन के लिए होटल के रेस्तरां में गये थे। मरांडी ने कहा, ‘‘आप जानते हैं, जब भी कोई नेता कहीं भोजन के लिए जाता है, चाहे वह होटल हो या किसी का आवास, लोग अपने आप इकट्ठा हो जाते हैं।’
निकाय चुनाव 23 फरवरी को होंगे और मतगणना 27 फरवरी को होगी।
इस बीच, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के गिरिडीह जिला अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि मरांडी निकाय चुनाव को प्रभावित करने के लिए चुनाव नियमों का उल्लंघन कर बैठक कर रहे थे।
सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने मांग की है कि गिरिडीह प्रशासन मरांडी को निर्धारित चुनाव क्षेत्र छोड़ने के लिए कहे।’’
झारखंड में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़े जाते हैं, लेकिन उम्मीदवारों को संगठनों का समर्थन प्राप्त होता है।
भाषा आशीष दिलीप
दिलीप

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