राजस्थान की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत पहली विशेष ट्रेन रामेश्वरम के लिए रवाना

राजस्थान की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत पहली विशेष ट्रेन रामेश्वरम के लिए रवाना

राजस्थान की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत पहली विशेष ट्रेन रामेश्वरम के लिए रवाना
Modified Date: July 13, 2026 / 09:17 pm IST
Published Date: July 13, 2026 9:17 pm IST

जयपुर, 13 जुलाई (भाषा) राजस्थान के देवस्थान विभाग की ‘वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026’ के तहत पहली विशेष रेलगाड़ी सोमवार को जयपुर के दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से रामेश्वरम और मदुरै के लिए रवाना हुई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने विशेष रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन 15 जुलाई को रामेश्वरम पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु एक दिन प्रवास करेंगे। इसके बाद 16 जुलाई को सभी यात्रियों को मदुरै ले जाया जाएगा, जहां उन्हें मीनाक्षी मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। यह विशेष रेलगाड़ी 20 जुलाई को वापस जयपुर पहुंचेगी।

रेलगाड़ी के रवाना होने से पहले मंत्री कुमावत ने यात्रा पर जा रहे वरिष्ठ नागरिकों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार भी व्यक्त किया।

आधिकारिक बयान के अनुसार, पहली तीर्थ यात्रा विशेष रेलगाड़ी में राजस्थान के चार जिलों के कुल 970 वरिष्ठ नागरिक यात्रा कर रहे हैं।

कुमावत ने बताया कि ‘वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026’ के तहत 20 जुलाई को अजमेर, 24 जुलाई को जोधपुर और 30 जुलाई को उदयपुर से भी रामेश्वरम-मदुरै के लिए विशेष रेलगाड़ियां रवाना की जाएंगी।

इस अवसर पर मंत्री ने नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन के लिए प्रस्तावित हवाई तीर्थ यात्रा कार्यक्रम भी जारी किया।

उन्होंने बताया कि 20 जुलाई से 22 सितंबर, 2026 तक प्रतिदिन नई दिल्ली हवाई अड्डे से 44 वरिष्ठ नागरिकों को हवाई मार्ग से काठमांडू भेजा जाएगा। इस अवधि में कुल 2,860 वरिष्ठ नागरिक पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करेंगे। शेष पात्र यात्रियों को दिसंबर से चरणबद्ध तरीके से नेपाल भेजा जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, विशेष रेलगाड़ी में वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा, भोजन और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। 970 श्रद्धालुओं के साथ उनकी देखभाल और समन्वय के लिए 30 सरकारी कर्मचारियों का विशेष दल भी यात्रा पर भेजा गया है।

भाषा

पृथ्वी रवि कांत


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