असम में बाढ़ से 11 जिलों के 3.10 लाख लोग प्रभावित, मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हुई
असम में बाढ़ से 11 जिलों के 3.10 लाख लोग प्रभावित, मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हुई
गुवाहाटी, 21 जुलाई (भाषा) असम में मंगलवार को बाढ़ से एक और व्यक्ति की मौत होने के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई। राज्य के 11 जिलों में अब भी 3.10 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि ब्रह्मपुत्र, दिखौ, देसांग और धनसिरी समेत राज्य की कई प्रमुख नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इनमें से कुछ नदियों का जलस्तर ‘अत्यधिक बाढ़’ के स्तर को भी पार कर गया है।
सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) तथा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा सहित कई एजेंसियां राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
ऊपरी असम के कुछ हिस्सों में रेलवे पटरियों पर बाढ़ का पानी भर जाने के कारण लगातार दूसरे दिन भी रेल सेवाएं प्रभावित रहीं। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने कई ट्रेनों को रद्द किया और कुछ का मार्ग परिवर्तित किया। साथ ही फंसे हुए यात्रियों के लिए विशेष ट्रेनों की भी घोषणा की।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने एक बयान में कहा कि चराइदेव जिले में एक व्यक्ति की मौत हुई है। इसके साथ ही इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
अधिकारियों ने बताया कि बिस्वनाथ, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप, कार्बी आंगलोंग, नगांव, शिवसागर और तिनसुकिया जिलों के 758 गांवों में 3.10 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने कहा कि सबसे अधिक प्रभावित शिवसागर जिला है यहां दिखौ नदी का शिवसागर शहर में और देसांग नदी का नंगलामोराघाट में जल स्तर ‘अत्यधिक बाढ़’ के स्तर से ऊपर दर्ज किया गया है।
प्राधिकरण ने बताया कि गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी की स्थिति ‘गंभीर बाढ़’ की श्रेणी में दर्ज की गई।
इसके अलावा जोरहाट के नीमातीघाट में ब्रह्मपुत्र और डिब्रूगढ़ के खोवांग में बुरीदिहिंग नदी भी उफान पर हैं।
सोमवार को राज्य के 15 जिलों में बाढ़ से 3.63 लाख से अधिक लोग प्रभावित थे।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने बताया कि बचाव एजेंसियों ने नौकाओं की मदद से विभिन्न इलाकों से 9,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में तैनात हैं, जबकि राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें लखीमपुर, तिनसुकिया, धेमाजी, डिब्रूगढ़, सोनितपुर, नगांव, मोरीगांव, होजाई, कामरूप मेट्रो, कामरूप, नलबाड़ी और बारपेटा जिलों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
एएसडीएमए के अनुसार, राज्य में 52 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां 12,720 विस्थापित लोगों ने शरण ले रखी है। बाढ़ के कारण 14,411.267 हेक्टेयर कृषि भूमि भी जलमग्न हो गई है।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि मंत्रिमंडल में उनके सहयोगी मंत्री बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सांसदों और विधायकों को भी मौके पर मौजूद रहने के लिए कहा गया है।
एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि शिवसागर जिले के सिमलुगुड़ी शहर और आसपास के इलाकों में भीषण बाढ़ के कारण सिमलुगुड़ी-नामतियाली और सिमलुगुड़ी-सेलेंगहाट खंडों पर ट्रेन सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने कहा कि रेल सेवाओं में व्यवधान से प्रभावित यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त विशेष ट्रेन चलाई जा रही हैं।
एनएफआर के अधिकारी ने कहा, “ये अतिरिक्त विशेष ट्रेन शुक्रवार तक चलेंगी और इनके जरिए फंसे हुए यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, मारियानी और गुवाहाटी के बीच कुछ अन्य एक्सप्रेस ट्रेन का नियमित परिचालन भी जारी है।”
भाषा तान्या नरेश पवनेश
पवनेश

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