मादक पदार्थों की तस्करी पर शिकंजा कसने के लिए पूरे नेटवर्क को निशाना बनाने पर जोर

मादक पदार्थों की तस्करी पर शिकंजा कसने के लिए पूरे नेटवर्क को निशाना बनाने पर जोर

मादक पदार्थों की तस्करी पर शिकंजा कसने के लिए पूरे नेटवर्क को निशाना बनाने पर जोर
Modified Date: September 24, 2026 / 10:11 pm IST
Published Date: September 24, 2026 10:11 pm IST

नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के मादक पदार्थ रोधी कार्यबलों (एएनटीएफ) से कार्रवाई केवल मादक पदार्थों की जब्ती तक सीमित करने के बजाय तस्करी के पूरे नेटवर्क को निशाना बनाने और तस्करी के सरगनाओं तथा संगठित तस्करी गिरोहों के खिलाफ अभियोजन की रणनीति अपनाने का आग्रह किया गया। बृहस्पतिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने 22 और 23 सितंबर को इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी की थी जिसका उद्घाटन मंगलवार को शाह ने किया था।

ब्यूरो ने कहा कि राज्यों से यह भी आग्रह किया गया कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में मादक पदार्थों के खतरे को ‘‘नियंत्रित’’ करने के लिए केंद्र द्वारा तैयार रूपरेखा की तर्ज पर तीन वर्षीय कार्ययोजना तैयार करें।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कुछ माह पहले मादक पदार्थ नियंत्रण पर राष्ट्रीय दृष्टिकोण दस्तावेज जारी किया था, जिसका उद्देश्य 2029 तक भारत को मादक पदार्थों की तस्करी से मुक्त कराना है।

बयान में कहा गया, ‘‘चर्चा के दौरान, दृष्टिपत्र के चार रणनीतिक स्तंभों के तहत निर्धारित लक्ष्यों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही, इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जिम्मेदारियां, समयसीमा और निगरानी की स्पष्ट व्यवस्था तय की गई।’’

इसमें कहा गया, ‘‘राज्य के मादक पदार्थ रोधी कार्यबलों (एएनटीएफ) को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। इसके तहत केवल मादक पदार्थों की जब्ती पर केंद्रित कार्रवाई के बजाय पूरे तस्करी नेटवर्क को निशाना बनाने, वित्तीय पड़ताल करने, मादक पदार्थों और मन:प्रभावी पदार्थों की अवैध तस्करी रोकथाम (पीआईटीएनडीपीएस) अधिनियम का प्रभावी इस्तेमाल करने तथा तस्करी के सरगनाओं और संगठित तस्करी नेटवर्क के खिलाफ केंद्रित अभियोजन पर जोर दिया गया।’’

यह भी बताया गया कि रेलवे सुरक्षा बल ने अपने अधिकार क्षेत्र में कार्रवाई के लिए एक ‘मादक पदार्थ प्रकोष्ठ’ का गठन किया है और वह जल्द ही एनसीबी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेगा। इसके बाद दोनों एजेंसियां संयुक्त अभियान चलाएंगी।

भाषा खारी वैभव

वैभव


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