नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बुधवार को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की वरिष्ठ नेता सुन हैयान से मुलाकात के दौरान भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार के लिए उपयुक्त माहौल बनाने के वास्ते “सकारात्मक कदम” उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
सीपीसी के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप मंत्री सुन हैयान दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार लाने के तरीके तलाशने के लिए भारत की यात्रा पर हैं।
पिछले कुछ महीनों में दोनों पक्षों ने संबंधों को दुरूस्त करने लिए कई कदम उठाए हैं। जून 2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद द्विपक्षीय रिश्तों में गंभीर तनाव आ गया था। यह सैन्य गतिरोध अक्टूबर 2024 में प्रभावी रूप से समाप्त हो गया।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, बैठक में मिसरी ने संबंधों को सुधारने के लिए दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी समझ बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया और इस संदर्भ में द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए उपयुक्त माहौल बनाने के वास्ते सकारात्मक कदम उठाने की जरूरत बताई।
बयान में कहा गया कि मिसरी और सुन के बीच बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने और फिर से मजबूत करने में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। चर्चा में व्यापार और जन-केंद्रित संपर्कों को प्राथमिकता देने के साथ-साथ 2026 में द्विपक्षीय संवाद को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार हुआ।
इसमें कहा गया, “दोनों पक्षों ने अपने-अपने नेताओं द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्देशों को लागू करने और द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य करने की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।”
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई सकारात्मक प्रगति की समीक्षा की।
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