सिख-विरोधी दंगों के मामले में दोषी और कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का अंतिम संस्कार

सिख-विरोधी दंगों के मामले में दोषी और कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का अंतिम संस्कार

सिख-विरोधी दंगों के मामले में दोषी और कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का अंतिम संस्कार
Modified Date: August 21, 2026 / 07:38 pm IST
Published Date: August 21, 2026 7:38 pm IST

नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में अंतिम संस्कार किया गया।

कुमार का बृहस्पतिवार को निधन हो गया था। वह वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे थे।

कुमार के पार्थिव शरीर को फूलों से सजायी गयी गाड़ी में निगम बोध घाट लाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग जमा हुए। परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों की मौजूदगी में शाम करीब पांच बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया।

सफदरजंग अस्पताल के अनुसार, कुमार को पुलिस बृहस्पतिवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे जब अस्पताल लेकर पहुंची तो वह पूरी तरह होश में नहीं थे।

अस्पताल ने एक बयान में बताया, ‘‘सज्जन कुमार (81) को पुलिस पूर्वाह्न करीब 11 बजे वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल लेकर पहुंची। उन्हें तत्काल भर्ती किया गया और उपचार शुरू किया गया।’’

बयान के मुताबिक, ‘‘सभी आवश्यक चिकित्सा एवं जीवन रक्षक उपाय किए जाने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और दोपहर 12:30 बजे उनका निधन हो गया।’’

अस्पताल ने बताया, ‘‘वह (सज्जन कुमार) उच्च रक्तचाप और पार्किंसन रोग से पीड़ित थे तथा अतीत में कई बार अस्पताल में भर्ती हो चुके थे।’’

उच्चतम न्यायालय में बृहस्पतिवार को कुमार की उस याचिका पर सुनवाई होनी थी, जिसमें उन्होंने अपनी बीमार पत्नी की देखभाल के लिए चिकित्सा आधार पर तीन हफ्ते की पैरोल मांगी थी।

अदालत में सुनवाई के लिए पेश किये जाने वाले मुकदमों की सूची के मुताबिक कुमार की याचिका पर नियमित सूची के तहत सुनवाई होनी थी, लेकिन उस पर सुनवाई नहीं हो सकी।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान पांच सिखों की हत्या और एक गुरुद्वारे को जलाए जाने से जुड़े मामले में दिसंबर, 2018 को कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

कुमार ने इस दोषसिद्धि के बाद कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया।

फरवरी 2025 में दिल्ली की एक अदालत ने दंगों के दौरान दो सिखों की हत्या से जुड़े एक अन्य मामले में भी पूर्व सांसद कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों द्वारा 31 अक्टूबर 1984 को हत्या किए जाने के बाद दंगे भड़क गए थे। इन दंगों में देश भर में हजारों लोग मारे गए और दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक थी।

भाषा शफीक नरेश

नरेश


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