कर्नाटक के पूर्व मंत्री भीमन्ना खांडरे का 102 वर्ष की आयु में निधन
कर्नाटक के पूर्व मंत्री भीमन्ना खांडरे का 102 वर्ष की आयु में निधन
बीदर (कर्नाटक), 17 जनवरी (भाषा) कर्नाटक के पूर्व मंत्री भीमन्ना खांडरे का 102 वर्ष की उम्र में वृद्धावस्था संबंधी समस्याओं के कारण निधन हो गया। उनके बेटे और कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खांडरे ने यह जानकारी दी।
स्वतंत्रता सेनानी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के एक प्रमुख सहकारी नेता खांडरे ने शुक्रवार रात अपने निवास पर अंतिम सांस ली। उनके परिवार में दो बेटे और चार बेटियां हैं।
खांडरे वीरशैव लिंगायत समुदाय के एक प्रमुख नेता थे और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली के मंत्रिमंडल में राज्य के परिवहन मंत्री रहे थे।
ईश्वर खांडरे ने एक बयान में बताया कि बीते 10-12 दिन से वह वृद्धावस्था संबंधी बीमारियों और सांस से जुड़ीं समस्याओं से ग्रस्त थे और बीदर के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे।
उन्होंने कहा कि बाद में भालकी में स्थित खांडरे के आवास पर उनका इलाज किया गया।
पेशे से वकील भीमन्ना खांडरे ने 1953 में भालकी नगरपालिका के पहले निर्वाचित अध्यक्ष के रूप में सार्वजनिक जीवन में कदम रखा।
इसके बाद, वह 1962 में पहली बार कर्नाटक विधानसभा सदस्य चुने गए और कुल चार बार विधायक रहे। इसके अलावा, वह दो बार कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य भी रहे।
खांडरे भालकी और हुनजी में स्थापित महात्मा गांधी शुगर फैक्ट्री और हल्लिकेड़ा में स्थित बीदर सहकारी शुगर फैक्ट्री के संस्थापक अध्यक्ष भी रहे। इसके अलावा, उन्होंने नारांजा और करांजा सिंचाई परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
एक स्वतंत्रता सेनानी और हैदराबाद मुक्ति संग्राम के सेनानी के रूप में उन्होंने रजाकारों के अत्याचारों के खिलाफ विरोध किया और कर्नाटक एकीकरण के दौरान बीदर जिले को कर्नाटक में रखने के लिए कड़ी मेहनत की।
खांडरे शांति वर्धक शैक्षिक संस्थानों के अध्यक्ष भी रहे और उन्होंने बीदर में अक्कमहादेवी कॉलेज तथा भालकी में एक इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की।
वह वीरशैव लिंगायत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे, जो वीरशैव लिंगायत समुदाय की सर्वोच्च संस्था है।
ईश्वर खांडरे ने कहा कि भीमन्ना खांडरे के पार्थिव शरीर को शनिवार को उनके आवास पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए रखा जाएगा। शाम को वीरशैव लिंगायत परंपरा के अनुसार भालकी के शांति धाम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने खांडरे के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, ‘महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले भीमन्ना खांडरे कर्नाटक एकीकरण आंदोलन में भी अग्रणी रहे थे। वह जन्म से ही एक सेनानी थे, जिन्होंने कर्नाटक में बीदर जिले को बनाए रखने के लिए दृढ़ता से संघर्ष किया और इस प्रयास में सफल हुए। भीमन्ना खांडरे के जीवन के पदचिह्न इस भूमि पर शाश्वत हैं।’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने भीमन्ना खांडरे के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, “एक स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षा प्रेमी, और कांग्रेस के प्रमुख नेता खांडरे ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और कर्नाटक की जनता की सेवा में समर्पित कर दिया। ईश्वर खांडरे जी, खांडरे परिवार और उनके सभी समर्थकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी शोक जताया और कहा, “भीमन्ना खांडरे का स्वभाव मृदुभाषी था। वह सरल और आत्मसम्मान वाले व्यक्ति थे। वह हमेशा जनहित के संघर्षों में सबसे आगे रहते थे। उन्होंने महात्मा गांधी से प्रेरणा लेकर स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया। कर्नाटक एकीकरण संघर्ष में उनका योगदान कभी नहीं भुलाया जा सकता। उनका निधन राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है।”
उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा और बसवराज बोम्मई, भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र, नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक और केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने भी खांडरे के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
भाषा जोहेब गोला
गोला

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