‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ से संबंधित अध्याय पर न्यायालय के रुख की पूर्व मंत्री ने सराहना की

‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ से संबंधित अध्याय पर न्यायालय के रुख की पूर्व मंत्री ने सराहना की

‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ से संबंधित अध्याय पर न्यायालय के रुख की पूर्व मंत्री ने सराहना की
Modified Date: February 25, 2026 / 06:20 pm IST
Published Date: February 25, 2026 6:20 pm IST

नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) पूर्व कानून मंत्री अश्वनी कुमार ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की आठवीं कक्षा की पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से संबंधित अध्याय का स्वतः संज्ञान लेने के लिए प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की सराहना की और कहा कि इस त्वरित कार्रवाई से न्यायपालिका के खिलाफ दुष्प्रचार को खत्म करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने एक बयान में कहा कि कार्रवाई न्यायपालिका की बौद्धिक और पेशेवर सत्यनिष्ठा के प्रति लोगों के विश्वास को भी मजबूत करेगी, जो भारत के संवैधानिक लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कुमार ने कहा, ‘‘प्रधान न्यायाधीश ने अपने उच्च पद से की जाने वाली अपेक्षा के अनुरूप, एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में, न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का उल्लेख करने वाले आपत्तिजनक अध्याय का स्वतः संज्ञान लेकर सराहनीय कार्य किया है।’’

पूर्ववर्ती संपग्र सरकार में मंत्री रहे कुमार ने कहा, ‘‘यह हमारे संवैधानिक लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।’’

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने बुधवार को पाठ्यपुस्तक के विवादास्पद अंश पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि धरती पर किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने और उसकी सत्यनिष्ठा को धूमिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

भाषा सुभाष माधव

माधव


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