ओडिशा के पूर्व जिलाधिकारी और दो अन्य भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार

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ओडिशा के पूर्व जिलाधिकारी और दो अन्य भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार

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  • Publish Date - September 3, 2026 / 07:19 PM IST,
    Updated On - September 3, 2026 / 07:19 PM IST

भुवनेश्वर, तीन सितंबर (भाषा) ओडिशा के ढेंकानाल जिले की भ्रष्टाचार निरोधक सतर्कता अदालत ने बृहस्पतिवार को भ्रष्टाचार के एक मामले में पूर्व जिलाधिकारी और दो अन्य लोगों को दोषी करार दिया। अदालत ने उन्हें एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और जुर्माना भी लगाया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि दोषी ठहराए गए लोगों की पहचान नित्यानंद मोहंती, आईएएस, ढेंकानाल के पूर्व जिलाधिकारी (सेवानिवृत्त); सूर्यनारायण दास, ढेंकानाल जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के पूर्व परियोजना निदेशक (सेवानिवृत्त); और तत्कालीन परिवहन ठेकेदार सत्यानंद बालासामंत के रूप में हुई है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, तीनों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया गया। उन पर करीब नौ लाख रुपये की सरकारी धनराशि के गबन का आरोप सिद्ध हुआ। इसके बाद ढेंकानाल की विशेष सतर्कता अदालत के न्यायाधीश ने उन्हें दोषी करार दिया।

बयान में कहा गया कि वर्ष 2001-02 के दौरान ढेंकानाल के जिलाधिकारी के पद पर रहते हुए मोहंती और दोनों अन्य आरोपियों ने सरकारी खजाने को वित्तीय नुकसान पहुंचाया था।

बयान में कहा गया कि तत्कालीन जिलाधिकारी ने श्रम-प्रधान कार्यों के तहत ढेंकानाल स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदाम से विभिन्न प्रखंडों और ग्राम पंचायत मुख्यालयों तक चावल और गेहूं पहुंचाने के लिए परिवहन ठेकेदार बालासामंत द्वारा दी गई ऊंची दर को मंजूरी दे दी थी।

बयान में कहा गया कि मोहंती और बालासामंत ने ओडिशा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा निर्धारित स्वीकृत परिवहन दर का पालन नहीं किया। सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए ठेकेदार द्वारा प्रस्तुत हस्तलिखित निविदा स्वीकार किए गए और उसे निर्धारित दर से अधिक भुगतान किया गया।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘दोषसिद्धि के बाद ओडिशा सतर्कता विभाग अब मोहंती और दास की पेंशन रोकने के लिए सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्ताव भेजेगा।’

भाषा तान्या नरेश

नरेश