पूर्व राज्यसभा सदस्य ने क्वेटा में गुरुद्वारा के लिए पाकिस्तान उच्चायोग को पत्र लिखा
पूर्व राज्यसभा सदस्य ने क्वेटा में गुरुद्वारा के लिए पाकिस्तान उच्चायोग को पत्र लिखा
नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) राज्यसभा के पूर्व सदस्य तरलोचन सिंह ने दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि बंटवारे के समय से बंद पड़े कुछ “ऐतिहासिक गुरुद्वारों” का “जीर्णोद्धार” किया गया है।
सिंह ने 26 अगस्त को भेजे पत्र में कहा है कि क्वेटा में बड़ी संख्या में सिख, खासकर नानकपंथी (गुरु नानक की शिक्षाओं को मानने वाले) रहते हैं और ये लोग “वहां एक गुरुद्वारा बनवाने में रुचि रखते हैं”, भले ही वह आकार में छोटा हो, लेकिन उन्हें पूजा-पाठ के लिए एक जगह मिल सके।
सिंह राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं।
क्वेटा पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित है।
सिंह ने कहा, “मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप बलूचिस्तान सरकार के जरिये स्थानीय सिखों की मदद करने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करें।”
उन्होंने लिखा, “हमें खुशी है कि पाकिस्तान में सक्षम अधिकारियों ने बहुत ही उदारतापूर्वक सिख समुदाय के कुछ ऐतिहासिक गुरुद्वारों का जीर्णोद्धार किया है, जो बंटवारे के बाद से बंद पड़े थे।”
हालांकि, सिंह ने पत्र में इन गुरुद्वारों के बारे में कोई विवरण नहीं दिया है।
भाषा पारुल अविनाश
अविनाश

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