पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर निशाना साधा, मामला दर्ज कराने को कहा
पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर निशाना साधा, मामला दर्ज कराने को कहा
नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘अवैध कार्य’ कार्य करने का आरोप लगाया और विपक्षी दलों से उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कराने का आह्वान किया।
करीब सात साल तक नरेन्द्र मोदी सरकार में केंद्रीय गृह सचिव रहे सिंह ने एसआईआर को बरकरार रखने के उच्चतम न्यायालय के फैसले की भी आलोचना की। उन्होंने मांग की कि उन राज्यों में नए सिरे से चुनाव कराए जाएं, जहां मतदाताओं के नाम हटाए जाने के खिलाफ अपील लंबित रहने के दौरान चुनाव हुए।
सिंह ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक खुले पत्र में कहा, ‘‘क्या आप चाहते हैं कि भारत लोकतंत्र बना रहे? तब आपको समझना होगा कि तथाकथित एसआईआर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके अधिकारी क्या कर रहे हैं। वे कानून का उल्लंघन कर रहे हैं।’’
उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब एसआईआर के दौरान मतदाता पंजीकरण और नाम हटाने, प्रपत्र-6 में बदलाव तथा मतदाता सूची के डेटाबेस तक पहुंच से जुड़े फैसलों को लेकर निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से उठाई गई आपत्तियों को लेकर विवाद चल रहा है।
कुमार, संधू और जोशी की 26 सितंबर को हुई बैठक के बाद निर्वाचन आयोग ने कहा था कि एसआईआर से जुड़े आदेश तीनों निर्वाचन आयुक्तों की सर्वसम्मति से जारी किए गए थे। आयोग ने दोनों निर्वाचन आयुक्तों द्वारा उठाए गए कई मुद्दों पर फैसले भी घोषित किए।
सिंह ने सवाल उठाया कि देशभर में यह प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी किसने दी थी। उन्होंने कहा, ‘‘एक और सवाल है, पूरे देश में एसआईआर का फैसला किसने लिया? क्या यह पूर्ण आयोग का फैसला था या केवल ज्ञानेश कुमार का?’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कुमार ने संधू और जोशी के विरोध के बावजूद वैधानिक प्रपत्र-6 में एक नया परिशिष्ट जोड़ दिया।
उन्होंने कहा कि अधिकतर सदस्य फॉर्म में नए परिशिष्ट जोड़ने के खिलाफ थे। इसलिए नया परिशिष्ट जोड़ना आयोग के अपने फैसलों के विरुद्ध था।
सिंह ने कहा, ‘‘तो इसे क्यों जोड़ा गया? किसके आदेश पर? यह अवैध था।’’ सिंह ने पश्चिम बंगाल में मतदाताओं को शामिल करने के खिलाफ दायर अपीलों पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि मतदाता सूची के केंद्रीकरण से मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के वैधानिक अधिकार कमजोर हुए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मतदाता सूची में संशोधन का केंद्रीकरण खतरनाक है। इसका इस्तेमाल उन बूथों से मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जा सकता है, जहां राजग के खिलाफ मतदान होता है। क्या ऐसा ही हुआ?’’
ज्ञानेश कुमार को हटाने की विपक्ष की मांग से आगे बढ़ते हुए सिंह ने कहा, ‘‘विपक्ष कहता है कि वे ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए महाभियोग चलाएंगे। यह निरर्थक कवायद है, उनके पास पर्याप्त संख्या ही नहीं है। अगर वे वास्तव में समाधान चाहते हैं, तो उन्हें ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कराने चाहिए।’’
सिंह ने उच्चतम न्यायालय की भी कड़ी आलोचना की और कहा कि देशभर में एसआईआर को बरकरार रखने वाला उसका आदेश ‘गलत’ था।
भाषा संतोष माधव
माधव

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